ताज़ा खबर
 

अनिल अंबानी को बड़ी राहत, कोर्ट ने न्यायालय ने रिलायंस कम्यूनिकेशंस की संपत्ति बेचने से रोक हटाई

उच्चतम न्यायालय ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली टेलीकाम फर्म रिलायंस कम्युनिकेशंस की संपत्तियों की बिक्री पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गयी रोक आज हटा ली।

Author नई दिल्ली | April 5, 2018 11:55 PM
अनिल अंबानी

उच्चतम न्यायालय ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली टेलीकाम फर्म रिलायंस कम्युनिकेशंस की संपत्तियों की बिक्री पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गयी रोक आज हटा ली।
उच्च न्यायालय ने इस फर्म की संपत्तियों को बेचने से रोकने संबंधी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के पांच मार्च के आदेश के खिलाफ आरकाम की अपील आठ मार्च को खारिज कर दी थी। शीर्ष अदालत ने ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ आरकाम की सहायक कंपनी रिलायंस इंफ्राटेक लि और भारतीय स्टेट बैंक की अलग अलग दायर अपीलों पर भी विचार किया था। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन की पीठ ने संबंधित पक्षों को इस मामले में कानून के अनुरूप ट्रिब्यूनल के पास ही जाने के लिये कहा।
आरकाम ने पूर्व अनुमति के बगैर अपनी संपत्ति बेचने पर प्रतिबंध लगाने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।

भारतीय स्टेट बैंक ने भी ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने आरकाम की समेकित संपत्तियों पर स्वीडन की दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन को अपना दावा करने की अनुमति दे दी थी। शीर्ष अदालत ने22 मार्च को आरकाम की संपत्तियां रिलायंस जियो को बेचने के मामले में यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया था। इस मामले में आज सुनवाई के दौरान स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले ऋणदाताओं के संयुक्त् फोरम की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में शीघ्र निर्णय की आवश्यकता है क्योंकि संपत्तियों की कीमत में गिरावट हो रही है।

HOT DEALS
  • I Kall Black 4G K3 with Waterproof Bluetooth Speaker 8GB
    ₹ 4099 MRP ₹ 5999 -32%
    ₹0 Cashback
  • Moto C Plus 16 GB 2 GB Starry Black
    ₹ 7999 MRP ₹ 7999 -0%
    ₹0 Cashback

हालांकि, पीठ ने मेहता से जानना चाहा कि उच्च न्यायालय की कार्यवाही में वह शामिल क्यों नहीं हुये थे। आरकाम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि एरिक्सन असुरक्षित ऋणदाता है।  आर काम पर बैंकों का 42,000 करोड़ रुपये का बकाया है। आरमक ने अपने स्पेक्ट्रम, दूरसंचार टावर और अन्य बनियादी ढांच को बेचने के लिए रिलायंस जियो के साथ 17,300 करोड़ रुपये का करार कर रखा है जिसमें 1.78 लाख किलो मीटर फाइबर आप्टिक्स लाइनें भी शामिल हैं। लेकिन दुरसंचार नेटवर्क उपकरण प्रदान करने वाली एरिक्सन ने इस बिक्री के खिलाफ रोक के लिए ट्रिब्यूनल में अपील दायर की है। उसका कहना है कि आरकाम पर उसके 1150 करोड़ रुपए बनते हैं और यह सौदा हुआ तो उसको अपूरणीय क्षति होगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App