ताज़ा खबर
 

500 रुपए के पुराने नोट से प्रीपेड रिचार्ज की सुविधा पर रिलायंस जियो ने उठाए सवाल

सरकार के मुताबिक, प्रीपेड ग्राहक 15 दिसंबर तक टॉप-अप रिचार्ज के लिए पुराने 500 रुपए के नोट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पुराना पांच सौ का नोट।

रिलायंस जियो इंफोकॉम और देश की दूसरी टेलिकॉम कंपनियों के बीच अब नया विवाद शुरू हो सकता है। जियो का मानना है कि प्रीपेड मोबाइल यूजर्स को 15 दिसंबर तक टॉप-अप रिचार्ज के लिए पुराने 500 रुपए के नोट चलाने की छूट देना गलत होगा। कंपनी ने कहा कि रिटेल लेवल पर इसका दुरुपयोग कालेधन को सफेद बनाने में किया जा सकता है। रिलायंस जियो ने इस बात को सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के समक्ष रखा था, हालांकि अधिकतर मेंबर्स ने इसे खारिज कर दिया। जियो के अलावा COAI के मेंबर्स में भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर शामिल हैं।

सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने कहा कि सरकार ने ‘जनहित और उपभोक्ताओं के हित में’ यह निर्णय किया था। उन्होंने कहा कि टेलिकॉम ऑपरेटर्स ने ऐसे टॉप-अप्स के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग न होने देने के लिए ‘कई कदम उठाए हैं।’ हालांकि सूत्रों का कहना है कि कुछ मेंबर्स जियो की इस तर्क के पक्ष में थे कि टॉपअप खरीदने के लिए 500 के पुराने नोट का इस्तेमाल कितनी बार किया जा सकता है यह साफ नहीं किया गया है और इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। विशेषज्ञों और बाजार के कुछ लोगों ने कहा कि कोई रिटेलर चाहे तो नए और पुराने नोटों में हुए लेनदेन का गलत हिसाब पेश कर सकता है। इस नियम का इस्तेमाल प्री-पेड कस्टमर्स को पुरानी करेंसी को बदलने में प्रोत्साहित करने के लिए भी हो सकता है।

एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने कहा कि रिलायंस जियो की परेशानी बाजिब है। उन्होंने कहा, “मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा एक पहलू यह भी है कि शॉर्ट टर्म में इस कदम का जियो पर नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि कस्टमर्स उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से लंबे समय तक जुड़े रह सकते हैं।” अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि इससे जियो की विरोधी कंपनियों के ग्राहकों का टॉक-टाइम बैलेंस काफी बढ़ सकता है और उन कंपनियों की प्रति यूजर औसत कमाई में इजाफा हो सकता है।

जियो: मुकेश अंबानी का ऐलान- 31 मार्च तक मिलेगा फ्री डाटा, कॉलिंग और सर्विसेज

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App