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मुकेश अंबानी खरीद सकते हैं जी ग्रुप के सुभाष चंद्रा की कंपनी, कई अंतरराष्‍ट्रीय कंपनियां भी रेस में!

नवंबर 2018 में जेडईईएल प्रमोटर्स ने कहा था, "हम चाहते हैं कि कंपनी में हमारे हिस्से के 50 फीसदी शेयर (लगभग 41 प्रतिशत) को 'सही वैश्विक रणनीतिक साझेदार' ले ले।"

Mukesh Ambani, Reliance Jio, Race, Buy, Subhash Chandra, Stake, Zee Entertainment Enterprises, Amazon, Apple, Tencent, Alibaba, AT&T, Singtel, Comcast, Sony Pictures, Essel-run Media Company, Zee Entertainment Enterprises, Subhash Chandra, Business News, Hindi Newsएस्सेल समूह के मालिकान ने पिछले साल कहा था कि वे जेडईईएल में अपने हिस्से के आधे शेयर बेचने पर विचार कर रहे हैं। (एक्सप्रेस फोटो)

देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष व प्रबंधकीय निदेशक मुकेश अंबानी एस्सेल समूह (जी ग्रुप का संचालन करने वाली कंपनी) के मालिकान सुभाष चंद्रा की कंपनी खरीद सकते हैं। सूत्रों के हवाले से ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ की रिपोर्ट में बताया गया कि अंबानी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (जेडईईएल) में चंद्रा के हिस्से के आधे शेयर खरीद सकते हैं। उनके अलावा इस कंपनी को खरीदने की दौड़ में कई अंतर्राष्ट्रीय कंपनी भी शामिल हैं। इनमें अमेजन, ऐप्पल, टेन्सेंट और अलीबाबा के नाम हैं, जबकि एटीएंडटी, सिंगटेल, कॉमकास्ट और सोनी पिक्चर्स सरीखे नामों की इस संबंध में चर्चा हो रही है।

बता दें कि नवंबर 2018 में जेडईईएल प्रमोटर्स ने कहा था, “हम चाहते हैं कि कंपनी में हमारे हिस्से के 50 फीसदी शेयर (लगभग 41 प्रतिशत) को ‘सही वैश्विक रणनीतिक साझेदार’ ले ले।” बिजनेस अखबार को सीईओ पुनीत गोयंका ने बताया था- हम रुचि दिखाने वाली कई कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं। आने वाले कुछ हफ्तों में डील से जुड़ा ऐलान किया जा सकता है।

इसी बीच, सोमवार (28 जनवरी, 2019) को जी एंटरटेनमेंट के शेयर में लगभग 15 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कंपनी के शेयर 14.99 फीसदी बढ़कर 367.25 रुपए पर आ गए। कंपनी ने इस बाबत कहा कि 96 से 97 फीसदी ऋणदाता शेयर रखने पर सहमत हो गए। इससे पहले, चंद्रा ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए रविवार शाम कहा- मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ऋणदाताओं के साथ हमारी बातचीत सफल रही।

गौरतलब है कि 25 जनवरी को चंद्रा ने कहा था कि उनकी कंपनी वित्तीय संकट से घिरी है, जिसके लिए उन्होंने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में आक्रामक ढंग से दांव लगाने और वीडियोकॉन का डीटूएच कारोबार खरीदने के निर्णय को जिम्मेदार करार दिया था।

एक चिट्ठी में उन्होंने बताया कि आईएलएंडएफएस संकट के बाद से दिक्कतें बढ़ी हैं। उनके मुताबिक, ग्रुप दिसंबर तक की किश्ते अदा कर पाया है। हम बैंकरों, एनबीएफसी और म्युचुअल फंडों से माफी मांगने के लिए बाध्य हैं, क्योंकि हमारा मानना है कि हम लोगों की उम्मीदों पर खरे नीं उतर सके। शुक्रवार को जी के शेयर 26.43 फीसदी और डिश टीवी के शेयर 32.74 फीसदी गिर गए थे।

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