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अनिल अंबानी ही नहीं इन कारोबारियों के लिए भी कर्ज बना जंजाल, जानें- कैसे गर्दिश में आए सितारे

पिछले साल ही जेट एयरवेज के मुखिया ने कंपनी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने खुद ही 25 साल पहले जेट एयरवेज की स्थापना की थी। लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कर्ज के संकट से निपटने में असफल हुए नरेश गोयल को अपना कारोबार ही समेटना पड़ा।

anil ambani newsकर्ज के चलते संकट में आये दिग्गज कारोबारी

कुछ साल पहले तक दुनिया के टॉप 10 अमीरों में शामिल रहे अनिल अंबानी दिवालिया होने की कगार पर हैं। उन्होंने चीन बैंकों से लिए कर्ज के मामले में खुद ब्रिटेन की अदालत में कहा है कि उन्हें वकीलों की फीस चुकाने के लिए गहने तक बेचने पड़ रहे हैं। यही नहीं जज की टिप्पणी के जवाब में उन्होंने कहा है कि वह लग्जरी लाइफ नहीं जीते हैं बल्कि साधारण जिंदगी गुजार रहे हैं। यहां तक कि उनका कहना है कि परिवार के लोग उनका खर्च चला रहे हैं। अपने रिलायंस धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कई कंपनियों को बेचने के बाद भी वह कर्ज के संकट से नहीं उबर पा रहे हैं। हालांकि वह अकेले ऐसे कारोबारी नहीं हैं, जिन्हें बीते कुछ सालों में ऐसा संकट देखना पड़ा है। आइए जानते हैं, किन कारोबारियों को ले डूबा कर्ज का संकट…

कर्ज के चलते नदी में कूद गए थे सिद्धार्थ: देश के पूर्व विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा के दामाद और मशहूर कॉफी चेन कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ ने बीते साल नदी में कूदकर जान दे दी थी। कॉफी चेन का देश भर में जोरदार विस्तार करने वाले सिद्धार्थ बीते कुछ सालों से लगातार कर्ज के संकट से जूझ रहे थे। सुसाइड के बाद उनका नोट भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने कंपनी से जुड़े लोगों से माफी मांगते हुए कहा था कि वह इस संकट से उबर नहीं पाए। यही नहीं अपनी आत्महत्या के लिए उन्होंने आयकर अधिकारियों और कर्जदाताओं के दबाव को जिम्मेदार बताया था।

जमीन पर उतरी नरेश गोयल की जेट एयरवेज: पिछले साल ही जेट एयरवेज के मुखिया ने कंपनी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने खुद ही 25 साल पहले जेट एयरवेज की स्थापना की थी। लेकिन, एयरलाइन कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कर्ज के संकट से निपटने में असफल हुए नरेश गोयल को अपना कारोबार ही समेटना पड़ा।

बेसहारा हुए सहारा, जेल तक की करनी पड़ी यात्रा: सुब्रत रॉय सहारा भी उन उद्योगपतियों में से एक हैं, जिन्हें बीते कुछ सालों में ही अर्श से फर्श पर आना पड़ा है। यहां तक कि निवेशकों के पैसे न लौटाने के मामले में उन्हें जेल तक जाना पड़ा था। मीडिया से लेकर बीमा तक के कारोबार में दखल रखने वाले सुब्रत रॉय सहारा फिलहाल जेल से बाहर हैं, लेकिन अब भी अपने कारोबार को खड़ा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

यूं डूबे मलविंदर और शिविंदर सिंह बंधु: दवा कंपनी रैनबेक्सी को खड़ा कर देश के अमीरों में शुमार हुए मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह के सितारे इस कंपनी के शेयरों को बेचने के साथ ही गर्दिश में आ गए थे। दरअसल दोनों ने कंपनी में अपने शेयरों को 2008 में जापानी कंपनी दाइची सांक्यो को 9,576 करोड़ रुपये में बेच दिया था। इस राशि का दोनों भाई सही ढंग से निवेश नहीं कर पाए। कहा जाता है कि इसमें से उन्होंने 2,000 करोड़ रुपये का कर्ज अदा किया और टैक्स भर दिया था। इसके अलावा फोर्टिस हॉस्पिटल चेन में 2,230 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो सफल नहीं रहा।

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