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नोएडा में मकानों की रजिस्ट्री हुई महंगी, यूपी कैबिनेट ने लगाई शुल्क बढ़ाने पर मुहर

नोेएडा और ग्रेटर नोएडा में अधिकांश 30-40 लाख रुपए से लेकर कई करोड़ रुपए महंगे फ्लैट लोगों ने खरीद रखे हैं। यूपी कैबिनेट के फैसले से उनको संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए अब अधिक फीस चुकानी होगी।

आम्रपाली, यूनिटेक, जेपी, थ्री सी समेत काफी बिल्डर परियोजनाओं में खरीदार फंसे हुए हैं। इसके अलावा काफी संख्या में ऐसे खरीदार है, जिन्हें फ्लैट का कब्जा तो मिल गया है लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी है, क्योंकि बिल्डर ने प्राधिकरण के बकाए का भुगतान नहीं किया।

औद्योगिक महानगर में रजिस्ट्री कराने के लिए मकान की कुल लागत का एक फीसद शुल्क देना होगा। अभी तक कितनी भी महंगी संपत्ति की रजिस्ट्री पर केवल 20 हजार रुपए का अधिकतम शुल्क लिया जाता था। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। गुरुवार को इसके बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया। माना जा रहा है इस निर्णय से नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पहले से मंदी की मार झेल रहे प्रॉपर्टी कारोबार समेत फ्लैट खरीदारों पर दोहरी मार पडे़गी। क्योंकि निबंधन विभाग ने अगस्त से लागू होने वाले सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

नोेएडा और ग्रेटर नोएडा में अधिकांश 30-40 लाख रुपए से लेकर कई करोड़ रुपए महंगे फ्लैट लोगों ने खरीद रखे हैं। यूपी कैबिनेट के फैसले से उनको संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए अब अधिक फीस चुकानी होगी। खासतौर पर ऐसे फ्लैट खरीदार जो कब्जा लेने के लिए कई सालों से बिल्डर के चक्कर काट रहे हैं या कब्जा मिलने के बाद भी जिन्हें मालिकाना हक नहीं मिला है, उन पर इस निर्णय का सीधा प्रभाव पड़ेगा। बुधवार को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। गुरुवार को शासनादेश जारी कर इसे लागू कर दिया गया है।

इस समय काफी सख्या में फ्लैट खरीदार पिछले दस सालों से फ्लैट का कब्जा पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। 2010 में फ्लैट बुक कराने वालों को 2013 और अधिकतम 2015 तक कब्जा मिल जाना चाहिए था। ऐसे करीब तीन लाख फ्लैट खरीदार बताए गए हैं। अब नए नियम के तहत कब्जा मिलने पर उन्हें रजिस्ट्री के लिए कुल लागत का एक फीसद शुल्क जमा करना होगा। जिससे खरीदारों का बोझ बढ़ेगा।

आम्रपाली, यूनिटेक, जेपी, थ्री सी समेत काफी बिल्डर परियोजनाओं में खरीदार फंसे हुए हैं। इसके अलावा काफी संख्या में ऐसे खरीदार है, जिन्हें फ्लैट का कब्जा तो मिल गया है लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी है, क्योंकि बिल्डर ने प्राधिकरण के बकाए का भुगतान नहीं किया। जिस वजह से प्राधिकरण ने बिल्डर को अधिभोग प्रमाणपत्र जारी नहीं किया है।

अब ऐसे खरीदारों को भी रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त फीस अदा करनी पड़ेगी। वहीं, अगस्त 2020 से लागू होने वाले सर्किल रेट बढ़ाने के लिए की तैयारी निबंधन विभाग ने शुरू कर दी है। ऐसे में खरीदारों की दिक्कतें कम होने की उम्मीद नहीं है। पिछले पांच साल में ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सर्किल रेट काफी बढ़ गए हैं। शहर में सबसे महंगे शहर ए श्रेणी के सेक्टर का सर्किल रेट 85 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ कर एक लाख तीन हजार 500 रुपए हो गया है।

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