आरबीआई के गोल्ड रिजर्व में मई के दौरान किसी बदलाव के दावे को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। दरअसल, ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक गलत विश्लेषण के आधार पर प्रकाशित रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया था कि रिजर्व में बदलाव हुआ है।

ब्लूमबर्ग न्यूज ने बाद में त्रुटि सामने आने पर 2 जून को प्रकाशित अपनी यह स्टोरी वापस ले ली। सही मूल्यांकन पद्धति से पता चला कि मई में आरबीआई की गोल्ड होल्डिंग्स में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया कि एनालिसिस में गलती से RBI के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू तय करने के लिए उसी दिन के घरेलू गोल्ड प्राइस का इस्तेमाल किया गया था। पिछले दिन के लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन प्राइस का इस्तेमाल करने से पता चलता है कि मई में गोल्ड होल्डिंग्स में कोई बदलाव नहीं हुआ।

रिपोर्ट में क्या किया गया था दावा?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी युद्ध और उससे पैदा हुए आर्थिक दबाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी विदेशी मुद्रा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सोने के भंडार का एक हिस्सा बेचा हो सकता है।

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के वरिष्ठ भारत अर्थशास्त्री अभिषेक गुप्ता ने रिपोर्ट में लिखा था कि रिपोर्ट में भारतीय रिजर्व बैंक ने 22 मई तक के दो हफ्तों में लगभग 12 बिलियन मूल्य डॉलर (लगभग 1.14 लाख करोड़ रुपये) का सोने का भंडार बेचा, जबकि 7.5 बिलियन डॉलर की विदेशी-मुद्रा संपत्तियां खरीदीं। अब इस रिपोर्ट को वापस से लिया गया है।

आरबीआई के पास कितना है सोना?

आरबीआई ने अपने मासिक बुलेटिन में सोने के भौतिक भंडार का खुलासा किया है। 3 जून को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि सोने का भौतिक भंडार 880.52 टन पर अपरिवर्तित है यह वही मात्रा है जो आरबीआई ने 31 मार्च तक बताई थी।

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सरकार ने सोने-चांदी के इंपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में बड़ा इजाफा किया है। अब विदेश से आने वाले बुलियन (सोना-चांदी) पर पहले के मुकाबले दोगुना टैक्स लगेगा। पहले इंपोर्ट पर 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और 1% AIDC लगता था। यानी कुल 6% कस्टम टैक्स बनता था। इसके ऊपर 3% IGST जोड़ने के बाद कुल प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 9.18% पड़ती थी।

अब सरकार ने BCD को 5% से बढ़ाकर 10% और AIDC को 1% से बढ़ाकर 5% कर दिया है। इससे कुल कस्टम लेवी 15% हो गई है। IGST जोड़ने के बाद कुल प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर 18.45% पहुंच गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर…