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एक ही स्थान पर जमा हो सकेगा पानी, बिजली, टेलीफोन जैसे बिल

जल्द ही उपभोक्ता बिजली, पानी, टेलीफोन जैसे विभिन्न बिलों का भुगतान एक ही भुगतान प्रणाली के जरिये कर सकेंगे। रिजर्व बैंक ने इस तरह की प्रणाली शुरू करने के लिये अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिये हैं। इस प्रणाली को ‘भारत बिल पेमेंट सिस्टम यानी बीबीपीएस’ नाम दिया गया है। इसके जरिये उपभोक्ता स्कूल फीस से […]

Author November 29, 2014 3:18 PM

जल्द ही उपभोक्ता बिजली, पानी, टेलीफोन जैसे विभिन्न बिलों का भुगतान एक ही भुगतान प्रणाली के जरिये कर सकेंगे। रिजर्व बैंक ने इस तरह की प्रणाली शुरू करने के लिये अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिये हैं। इस प्रणाली को ‘भारत बिल पेमेंट सिस्टम यानी बीबीपीएस’ नाम दिया गया है। इसके जरिये उपभोक्ता स्कूल फीस से लेकर बिजली, पानी के बिलों का भुगतान एक ही स्थान पर कर सकेंगे।

रिजर्व बैंक द्वारा कल देर शाम जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘बीबीपीएस एक एकीकृत बिल भुगतान प्रणाली होगी जिसमें एजेंटों, विभिन्न भुगतान प्रणालियों और भुगतान प्राप्ति के बारे में जानकारी प्राप्त होने का एक सामहिक व्यापक नेटवर्क होगा, जिसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा।’’

इस तरह का नेटवर्क स्थापित करने के लिये रिजर्व बैंक द्वारा प्रवर्तित नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) को शीर्ष एजेंसी बनाया गया है। एनपीसीआई ने ही रुपे डेबिट कार्ड जारी किया है। रिजर्व बैंक ने बीबीपीएस के तहत प्राधिकृत भुगतान संग्रह एजेंट बनने के लिये 100 करोड़ रुपए की नेटवर्थ और घरेलू पंजीकरण को जरूरी शर्त रखा है।

रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने सबसे पहले पिछले साल दूसरी तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में इस तरह की एकीकृत भुगतान प्रणाली स्थापित किए जाने की मंशा जाहिर की थी। इसके बाद इसके बारे में तौर तरीके सुझाने के लिए एक समिति गठित की गई। समिति की सिफारिशों के आधार पर 7 अगस्त को दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया गया।

इस तरह की एकीकृत भुगतान प्रणाली स्थापित होने से अर्थव्यवस्था में होने वाले सभी तरह के भुगतानों पर नजर रखी जा सकेगी। यहां तक कि इसमें बिजली, पानी, दूरसंचार कंपनियों और स्कूलों को होने वाले नकद भुगतान पर भी नजर रखी जा सकेगी। ये दिशानिर्देश रिजर्व बैंक द्वारा भुगतान बैंकों और लघु वित्तीय बैंकों के बारे में अंतिम दिशानिर्देश जारी किए जाने के एक दिन बाद ही जारी किए गए।

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