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कोरोना ने अपनी इकॉनमी को 13 साल पीछे धकेला? RBI ने कहा- महामारी की मार से 2035 तक उबरेगी अर्थव्यवस्था

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए मध्यम अवधि में 6.6-8.5 फीसदी की स्थिर वृद्धि रहना व्यवहार्य है। इसके लिए समय-समय पर मौद्रिक एवं राजकोषीय नीतियों में संतुलन साधना होगा।

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कोरोना के कारण अर्थवस्था को हुआ काफी नुकसान (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। करीब तीन सालों में कोरोना के कारण आर्थिक मोर्चे पर देश को बहुत नुकसान हुआ है। आरबीआई ने कहा है कि देश को इससे उबरने में अभी और 13 साल लग जाएंगे। रिजर्व बैंक की रिसर्च टीम की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि कोरोना की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। इसके मुताबिक, पिछले 3 सालों में भारत को उत्पादन में करीब 50 लाख करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा है।

आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को महामारी की वजह से उत्पादन, आजीविका एवं जिंदगियों के मामले में बहुत ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है और इससे उबरने में कई साल लग सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में मध्यम अवधि में 6.5-8.5 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए संरचनात्मक सुधार एवं कीमतों में स्थिरता होना बेहद जरूरी है। आरबीआई की वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति के बीच समय-समय पर संतुलन बनाए रखना स्थिर वृद्धि की दिशा में पहला कदम होना चाहिए।

इस रिपोर्ट में स्टार्टअप और यूनिकॉर्न के लिए अनुकूल माहौल बनाने, अक्षमताओं को बढ़ावा देने वाली सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और आवासीय एवं भौतिक ढांचे में सुधार कर शहरी समुदायों को प्रोत्साहन देने का भी सुझाव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, “आर्थिक गतिविधियां दो साल बाद भी मुश्किल से कोविड-पूर्व स्तर पर पहुंच पाई हैं। भारत की आर्थिक बहाली महामारी के आघातों के अलावा गहरी संरचनात्मक चुनौतियों का भी सामना कर रही है।”

रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने भी काफी प्रभाव डाला है। युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक परिदृश्य कमजोर होने और सख्त वैश्विक वित्तीय हालात ने भी मुश्किलें पैदा की हैं। रिपोर्ट कहती है कि भारत के लिए मध्यम अवधि में 6.6-8.5 फीसदी की स्थिर वृद्धि रहना व्यवहार्य है। इसके लिए समय-समय पर मौद्रिक एवं राजकोषीय नीतियों में संतुलन साधना होगा। साथ ही कीमतों में स्थिरता भी एक अहम पहलू होगा।

वहीं, आरबीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था को 3 झटके लगे। दो मोदी ने दिए- विमुद्रीकरण और आधी-अधूरी जीएसटी, तीसरी महामारी। यहां तक ​​कि महामारी से जिस तरह से निपटा गया, वह भी कुछ हद तक इसके लिए जिम्मेदार था।”

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