RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा आगे इनमें और कमी भी हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत दर रेपो को शुक्रवार को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए अपने रुख को ‘तटस्थ’ बनाए रखा।
मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मल्होत्रा ने कहा, ” नीतिगत दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा इनमें आगे और गिरावट भी आ सकती है।” उन्होंने हालांकि साथ ही कहा कि ब्याज दरों पर अंतिम फैसला मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा लिया जाएगा। केंद्रीय बैंक पिछले वर्ष से फरवरी अब तक आरबीआई रेपो दर में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है।
गवर्नर ने कहा कि जमा पक्ष पर नीति दरों में बदलाव का प्रभाव धीमा रहा है और सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में आगे कमी आएगी। भारत के हाल में किए गए व्यापार समझौतों के प्रभाव पर किए सवाल के जवाब में गवर्नर ने कहा कि ये समझौते अन्य कारकों के साथ मिलकर देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में करीब 0.20 प्रतिशत का योगदान दे सकते हैं। आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है।
फरवरी 2025 से अब तक केंद्रीय बैंक नीतिगत रेपो दर में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है। यह नीति समीक्षा 2026-27 के केंद्रीय बजट की प्रस्तुति और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के तुरंत बाद हो रही है।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: डिजिटल फ्रॉड होने पर आरबीआई देगा 25000 रुपये का मुआवजा
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को छोटे-मोटे धोखाधड़ी वाले लेन-देन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की क्षतिपूर्ति को लेकर नई रूपरेखा लाने की घोषणा की। मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष के लिए अंतिम द्विमासिक नीति की घोषणा करते हुए कहा, ''हम डिजिटल भुगतान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक परिचर्चा पत्र भी प्रकाशित करेंगे। इन उपायों में विलंब से क्रेडिट और वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशिष्ट वर्ग के उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण शामिल हो सकते हैं।''
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहेंगी तथा आगे इनमें और कमी भी हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत दर रेपो को शुक्रवार को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए अपने रुख को 'तटस्थ' बनाए रखा।
भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट (बीवाईएसटी) की संस्थापक लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन ने कहा, ''आरबीआई की बरकरार मौद्रिक नीति और रेपो दर का सूक्ष्म उद्यमियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से पूंजी की लागत, ऋण की उपलब्धता तथा उनके उत्पादों की मांग के माध्यम से। उद्योग इस बात को समझता है कि हाई रेपो दर उधारी की लागत बढ़ाती है, जबकि मौद्रिक नीति में ढील निवेश को प्रोत्साहित करती है, क्योंकि एमएसएमई ऋण रेपो दर से जुड़े होते हैं। यद्यपि रेपो दर में अतिरिक्त 0.25% की कटौती आदर्श होती, फिर भी पिछले 14 महीनों में कुल 1.25% की कटौती एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत स्थिति में बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी। यह एक सकारात्मक कदम है, जो अत्यंत सीमित मार्जिन पर कार्य कर रहे सूक्ष्म उद्यमियों के लिए उधारी की लागत को कम करेगा और नकदी प्रवाह में सुधार लाएगा। यह मौद्रिक ढील चक्र पहली पीढ़ी के तथा महिला उद्यमियों को रिस्क लेने और औपचारिक वित्तीय स्रोतों से ऋण प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही, मौजूदा सूक्ष्म उद्यमों को विस्तार, अवसंरचना विकास और कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं के लिए अधिक बड़े ऋण लेने में सहायता करेगा।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: बाजार के लिए सकारात्मक फैसला
स्क्वायर यार्ड्स के सीएफओ और को-फाउंडर पियूष बोथरा ने कहा, ''आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने और न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला अपेक्षित था और यह पहले की गई दर कटौती के प्रभाव का आकलन करने के लिए स्पष्ट विराम का संकेत देता है। दिसंबर में की गई 25 बेसिस पॉइंट की कटौती का पूरा असर अभी दिखना बाकी है। इसलिए अब ध्यान बैंकों द्वारा दरों में प्रभावी ट्रांसमिशन पर केंद्रित होगा। इस समय नीति में स्थिरता आवासीय मांग और समग्र बाजार भावना के लिए सकारात्मक है लेकिन इसका वास्तविक महत्व इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीन स्तर पर उधारकर्ताओं को कम ब्याज दरों का लाभ कितनी जल्दी मिलता है।''
MSME के लिए गारंटी मुक्त ऋण की सीमा को दोगुना कर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव
सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए औपचारिक ऋण तक पहुंच सुधारने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गारंटी मुक्त ऋण की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की घोषणा की है। शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की छठी और अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा, "ये प्रावधान एक अप्रैल, 2026 या उसके बाद स्वीकृत या नवीनीकृत होने वाले सभी एमएसएमई ऋण पर लागू होंगे। इस संबंध में विस्तृत निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।"
बैंकिंग प्रतिनिधियों (बीसी) के संबंध में उन्होंने कहा कि वे वित्तीय सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ने बीसी के परिचालन की व्यापक समीक्षा करने और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए एक समिति गठित की थी। इस समिति में आरबीआई, वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय बैंक संघ और नाबार्ड के अधिकारी शामिल थे। समिति की सिफारिशों के आधार पर संबंधित नियामकीय दिशानिर्देशों की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही संशोधन का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा जाएगा।
एफडी पर ब्याज दरें कम होंगी
दिसंबर में पिछली नीतिगत घोषणा के बाद से उच्च वृद्धि दर और कम मुद्रास्फीति से भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। जमा पक्ष पर नीति दरों में बदलाव का प्रभाव धीमा; एफडी पर ब्याज दरें कम होंगी। धोखाधड़ी से प्रभावित ग्राहकों को 25,000 रुपये तक या कुल राशि का 85 प्रतिशत तक मुआवजा दिया जाएगा, बशर्ते लेनदेन दुर्भावनापूर्ण न हो: आरबीआई गवर्नर।
11.73 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध उधारी जुटाने में सक्षम होगी सरकर
ट्रेजरी बिल प्रतिफल की दर को प्रबंधित करने में मदद करेगा, सरकार उपयुक्त दर पर 11.73 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध उधारी जुटाने में सक्षम होगी। केंद्रीय बैंक सरकार के उधारी कार्यक्रम का संतोषजनक तरीके से प्रबंधन करने में सफल रहेगा: आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: आरबीआई की मौद्रिक नीति की बड़ी बातें
*चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 2.1 प्रतिशत।
*वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तथा दूसरी तिमाही के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई क्रमशः चार प्रतिशत और 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान।
*कीमती धातुओं के अलावा महंगाई दर नरम बनी हुई।
*भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब अमेरिकी डॉलर।
*धोखाधड़ी मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक क्षतिपूर्ति देने के लिए जल्द रूपरेखा।
*वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए उपाय प्रस्तावित।
*सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए बिना गारंटी ऋण सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाएगी।
*बैंकों को रीट को ऋण देने की अनुमति दी जाएगी।
*कुछ प्रकार की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए शाखा खोलने के नियमों में ढील दी जाएगी।
*भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक छह से आठ अप्रैल, 2026 को होगी।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: आरबीआई की मौद्रिक नीति की मुख्य बातें
*नीतिगत दर रेपो 5.25 प्रतिशत पर यथावत।
*मौद्रिक नीति का रुख 'तटस्थ' पर कायम।
*माल एवं सेवा कर सुधार, मौद्रिक ढील और कम महंगाई से निजी उपभोग को समर्थन।
*व्यापार समझौतों से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
*वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तथा दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान बढ़ाकर क्रमशः 6.9 प्रतिशत और सात प्रतिशत किया गया।
*केंद्रीय बजट के उपाय आर्थिक वृद्धि के अनुकूल।
आरबीआई ने छोटे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को नियामकीय राहत देने की घोषणा की है। प्रस्ताव के अनुसार जिन संस्थाओं के पास सार्वजनिक धन नहीं है, जिनका ग्राहकों से सीधा संपर्क नहीं है और जिनकी परिसंपत्तियां ₹1,000 करोड़ से कम हैं, उन्हें पंजीकरण की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि कुछ एनबीएफसी को 1,000 से अधिक शाखाएं खोलने के लिए अब पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
एलारा कैपिटल में रिसर्च की डिप्टी हेड और अर्थशास्त्री गरिमा कपूर ने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। समिति पहले की गई दर कटौती के प्रभावी ट्रांसमिशन पर ध्यान दे रही है और अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर से संतोष जताया है। इसके साथ ही नए जीडीपी और सीपीआई आंकड़ों का इंतजार कर रही है।
कपूर ने कहा, “खाद्य कीमतों के सामान्य होने और प्रतिकूल बेस इफेक्ट के कारण आगे चलकर महंगाई बढ़ने की संभावना है जिससे दरों में और कटौती की गुंजाइश कम हो गई है। किसी नई दर कटौती के लिए वृद्धि और महंगाई के संतुलन पर झटका लगना जरूरी होगा। फिलहाल हमें आरबीआई से लंबा विराम देखने की उम्मीद है।”बुधवार को 22 कैरेट सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई। धातु की कीमत ₹14,154 प्रति ग्राम थी जो पिछले दिन से 1 रुपये कम है। गिरावट सभी वजनों में समान थी: 8 ग्राम ₹8 गिरकर ₹1,13,232 पर आ गया, 10 ग्राम ₹10 गिरकर ₹1,41,540 पर आ गया, जबकि 100 ग्राम ₹100 गिरकर ₹14,15,400 पर आ गया।
भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा
सभी कैरेट के सोने में गिरावट
बुधवार को सभी कैरेट में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले सत्र के अनुरूप सोने के दाम प्रति ग्राम 1 रुपये कम हुए। 24 कैरेट सोना ₹15,442 से घटकर ₹15,441 प्रति ग्राम हो गया। अलग-अलग वजन में भी गिरावट देखने को मिली, जिसमें 8 ग्राम सोना ₹8 घटकर ₹1,23,528, 10 ग्राम ₹10 गिरकर ₹1,54,410 और 100 ग्राम ₹100 घटकर ₹15,44,100 हो गया।
22 कैरेट सोने में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई और इसकी कीमत मंगलवार के ₹14,155 से घटकर ₹14,154 प्रति ग्राम रह गई। 8 ग्राम सोना ₹1,13,232, 10 ग्राम ₹1,41,540 और 100 ग्राम ₹14,15,400 पर पहुंच गया, जो आनुपातिक गिरावट दिखाता है।
18 कैरेट सोना भी प्रति ग्राम 1 रुपये घटकर ₹11,581 पर आ गया। 8 ग्राम सोने की कीमत ₹92,648, 10 ग्राम ₹1,15,810 और 100 ग्राम सोना घटकर ₹11,58,100 पर पहुंच गया।
शेयर बाजार में कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं
आरबीआई गवर्नर द्वारा प्रमुख उधार दरों को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने और ‘न्यूट्रल’ रुख बनाए रखने के बाद भारतीय शेयर बाज़ार में खास प्रतिक्रिया नहीं दिखी और बाज़ार सामान्य गति से ही आगे बढ़ता रहा।
निफ्टी 50 गिरावट के साथ खुला और आगे 0.36% फिसलकर 25,551 पर कारोबार करता दिखा, जबकि बीएसई सेंसेक्स 228 अंक या 0.27% गिरकर 83,100 पर कारोबार करता नजर आया। ।
आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए वृद्धि दर के अनुमान को ऊपर की संशोधित करते हुए क्रमशः 6.9 प्रतिशत तथा सात प्रतिशत किया।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE Updates: भारत-यूएस और भारत-अमेरिका ट्रेड डील से एक्सपोर्ट को रफ्तार
हाल ही में हुई भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से एक्सपोर्ट की गति को बढ़ावा देगा: आरबीआई गवर्नर ।
आरबीआई एमपीसी बैठक का फैसला
ग्रामीण क्षेत्रों में मांग स्थिर बनी हुई है, शहरी क्षेत्रों में खपत में और वृद्धि होने की संभावना: आरबीआई गवर्नर
RBI MPC Meeting 2026 LIVE Updates: एमपीसी बैठक का फैसला
कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन और असंगठित क्षेत्र में निरंतर गति से विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा: आरबीआई गवर्नर
घरेलू मुद्रास्फीति और वृद्धि परिदृश्य सकारात्मक: संजय मल्होत्रा
मौद्रिक नीति संशोधित श्रृंखला पर आधारित नए मुद्रास्फीति आंकड़ों द्वारा निर्देशित होगी। घरेलू मुद्रास्फीति और वृद्धि परिदृश्य सकारात्मक। भारतीय अर्थव्यवस्था जुझारू बनी हुई है:आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा
मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान
आरबीआई ने मौजूदा स्थितियों को ध्यान में रखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE Updates: एमपीसी बैठक के फैसलों की बड़ी बातें
स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF): 5% मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट: 5.5%
RBI MPC Meeting 2026 LIVE Updates: एमपीसी ने तटस्थ रुख बनाए रखने का फैसला लिया
मौद्रिक नीति समिति ने तटस्थ रुख को बनाये रखने का फैसला किया है: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE Updates: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25 प्रतिशत पर स्थिर
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आम सहमति से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर कायम रखा।
आरबीआई एमपीसी बैठक के फैसलों की घोषणा कर रहे हैं आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा
पिछली एमपीसी बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती हुई थी
पिछली एमपीसी बैठक में दिसंबर में आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया था। इसके साथ ही फरवरी 2025 से अब तक कुल कटौती 125 बेसिस पॉइंट हो गई थी। इस फैसले की घोषणा गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 दिसंबर को की थी। दरों में कटौती के साथ आरबीआई ने अपनी ‘न्यूट्रल’ नीति रुख को भी बरकरार रखा था।
केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था के 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया था। यह उसके पहले के अनुमान से लगभग आधा प्रतिशत अधिक है, जो घरेलू मांग और समग्र आर्थिक वृद्धि को लेकर मजबूत भरोसा दर्शाता है।
रेपो रेट क्या है?
रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। रेपो दर के यथावत रहने से आवास, वाहन समेत अन्य खुदरा कर्ज पर ब्याज में बदलाव होने की संभावना नहीं है।
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: अभी 5.25 प्रतिशत है रेपो रेट
Nuvama ने भी अनुमान जताया है कि कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद जिससे रेपो रेट 5.25% पर आ गया है, आरबीआई यथास्थिति बनाए रख सकता है।
नुवामा ने कहा, “बैंक ऋण दरों में ट्रांसमिशन की प्रक्रिया जारी है और बॉन्ड यील्ड काफी स्थिर बनी हुई हैं। इसलिए फिलहाल केंद्रीय बैंक दरों में बदलाव करने के बजाय तरलता प्रबंधन पर अधिक ध्यान दे सकता है।”
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम
बीओएफए ग्लोबल रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल आरबीआई का ब्याज दरों में कटौती का चक्र खत्म होता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि नया व्यापार समझौता आर्थिक वृद्धि को लेकर भरोसा बढ़ाएगा और हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतकों में दिख रही मौजूदा तेजी आगे भी बनी रह सकती है।
नोट में कहा गया, “हमारा मानना है कि आरबीआई अब दरों में कटौती का सिलसिला पूरा कर चुका है लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कि दरों का प्रभाव प्रभावी रूप से अर्थव्यवस्था तक पहुंचे, वह लिक्विडिटी मैनेजमेंट को सावधानीपूर्वक जारी रखेगा।”
RBI MPC Meeting 2026 LIVE: एमपीसी के फैसले से पहले शेयर बाजार में गिरावट
एमपीसी घोषणा से पहले गुरुवार को शेयर बाज़ार के प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई जिससे तीन सत्रों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशक सतर्क नजर आए।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 503.76 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 83,313.93 पर बंद हुआ। इंट्राडे कारोबार के दौरान सूचकांक 666.07 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 83,151.62 के निचले स्तर तक पहुंच गया। बीएसई में बाजार का रुख नकारात्मक रहा, जहां 2,447 शेयरों में गिरावट आई, 1,737 शेयर बढ़त में रहे और 158 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए।
एनएसई निफ्टी भी गिरावट के साथ बंद हुआ और 133.20 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 25,642.80 पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर
आरबीआई के यूट्यूब चैनल पर लाइव ब्रॉडकास्ट
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा मौद्रिक नीति घोषणा का लाइव प्रसारण आरबीआई के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। लाइव स्ट्रीमिंग सुबह 10 बजे शुरू होगी।
