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RBI Monetary Policy December 2018: नहीं बदला रेपो और रिवर्स रेपो रेट, नहीं बढ़ेगी EMI

RBI Monetary Policy October 2018: रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2018-19 की जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान को बरकरार रखा। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति 2.7 से 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

RBI Monetary Policy December 2018: वित्‍त मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी। (Express File Photo)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजे बुधवार को सामने आ गए हैं। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। यह वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पांचवी द्विमासिक बैठक है। एमपीसी के निर्णय की जानकारी 5 दिसंबर को दोपहर 2:30 बजे जारी की गई। पिछली मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ था और 70 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास आ गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के भाव भी नरम हुए और 86 डॉलर प्रति बैरल से नीचे 60 डालर प्रति बैरल पर आ गये हैं।

हालांकि, आर्थिक वृद्धि दर सितंबर तिमाही में नरम होकर 7.1 प्रतिशत रही। इससे पूर्व पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में यह दो साल के उच्च स्तर 8.2 प्रतिशत पर पहुंच गयी थी। फल, सब्जी और अंडा, मछली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के सस्ता होने से खुदरा मुद्रास्फीति भी अक्तूबर महीने में 3.31 प्रतिशत रही जो एक महीने का न्यूनतम स्तर है।

Live Blog

15:23 (IST) 05 Dec 2018
सर्वसम्मति से लिया गया फैसला

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने चालू वित्त वर्ष की पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला हालांकि, सर्वसम्मति से लिया गया। लेकिन समिति के एक सदस्य रविंद्र एच ढोलकिया ने मौद्रिक नीति रुख को बदलकर तटस्थ करने के पक्ष में मत दिया।

15:18 (IST) 05 Dec 2018
क्या कहा RBI ने फैसले पर?

रिजर्व बैंक ने कहा कि एमपीसी का यह फैसला मौद्रिक नीति को सोच विचार के साथ सख्त करने के रुख के अनुरूप है। यह मध्यम अवधि में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के लक्ष्य में रखने के हमारे रुख के अनुकूल है।

14:59 (IST) 05 Dec 2018
7.4 फीसदी रह सकती है 2018-19 में जीडीपी दर

रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2018-19 की जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान को बरकरार रखा। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति 2.7 से 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। अगले वित्त वर्ष की छमाही में यह 3.8 से 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

14:41 (IST) 05 Dec 2018
ये हैं मौजूदा दरें

रिजर्व बैंक की ओर से मौजूदा पॉलिसी रेपो रेट 6.5 फीसदी है, जबकि रिवर्स रेपो रेट 6.25 फीसदी है। इसके अलावा मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट 6.75 फीसदी और बैंक रेट भी 6.75 फीसदी पर है।

14:24 (IST) 05 Dec 2018
आरबीआई के फैसले पर निवेशकों की निगाहें

आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ब्‍याज दरों पर फैसले लेगी। ऐसे में निवेशकों की नजर केंद्रीय बैंक के संभावित फैसले पर टिकी है। सरकार और बाजार की ओर से लगातार ब्‍याज दरों में कटौती की मांग की जा रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्‍प होगा कि आरबीआई इस पर क्‍या फैसला लेता है।

14:18 (IST) 05 Dec 2018
50 पॉइंट की हो सकती है कटौती

विशेषज्ञों को उम्मीद है कि रिजर्व कैश रिजर्व रेशियो में 50 पॉइंट की कटौती कर सकता है। 2013 से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। अगर ऐसा होता है तो इससे 65,000 करोड़ रुपए की लिक्विडिटी सिस्टम में आ जाएगी।

14:10 (IST) 05 Dec 2018
क्या कहा 10 बैंकों के ट्रेजरी प्रमुखो ने

मौद्रिक नीति समिति से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अपेक्षाकृत कम मुद्रास्फीति के कारण रेपो रेट नहीं बदलने की उम्मीद है। मिंट के सर्वे  में 10 बैंकों के ट्रेजरी प्रमुखों ने कहा कि आरबीआई रेपो दर 6.5% पर रखी जाएगी। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की नीति में कहा था कि दर कटौती लिस्ट से बाहर थी। आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि कैलिब्रेटेड दवाब का मतलब था कि इस साइकल के दौरान, दर कटौती पर विचार नहीं किया जाएगा और केंद्रीय बैंक हर नीति बैठक में दरों में बढ़ोतरी करने के लिए बाध्य नहीं था।

13:40 (IST) 05 Dec 2018
पेट्रोल, डीजल के दाम में 13 दिनों की गिरावट के बाद आई स्थिरता

पेट्रोल और डीजल के दाम में गिरावट का सिलसिला लगातार 13 दिनों से जारी रहने के बाद थम गया। तेल विपणन कंपनियों ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई परिवर्तन नहीं किया। हालांकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम में फिर गिरावट आई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस सप्ताह तकरीबन चार डॉलर का उठाव आने के बाद फिर नरमी देखी जा रही है। अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ने के कारण कीमतों पर दबाव आया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, बुधवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के भाव क्रमश: 71.72 रुपयेए 73.75 रुपये, 77.29 रुपये और 74.41 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहे। चारों महानगरों में डीजल की कीमतें भी क्रमश: 66.29 रुपये, 68.12 रुपये, 69.48 रुपये और 70.09 रुपये प्रति लीटर रहीं।

13:28 (IST) 05 Dec 2018
यह है कोटक रिपोर्ट को उम्मीद

हाल ही में आई कोटक रिपोर्ट को उम्मीद है कि एमपीसी अपने सतर्क रुख को बनाए रखेगा "जब तक कि मुद्रास्फीति महंगाई लगातार 4-4.5% तक कम न हो जाए" 2019-20 की पहली तिमाही में महंगाई दर 4.5 फीसदी रही, एमपीसी का अनुमान इस अवधि में 4.8 फीसदी का था

12:55 (IST) 05 Dec 2018
देश की आर्थिक वृद्धि दर चौथी तिमाही में होगी तेज: नीति उपाध्यक्ष

नीति आयोग के उपध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि दर में चौथी तिमाही में तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर के लिये रखा गया अनुमान पूरा होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के दूसरी तिमाही में धीमी वृद्धि दर से तीसरी तिमाही में बाहर आने की संभावना कम है। कुमार ने कहा, ‘‘नीति आयोग ने अबतक अपना कोई अनुमान नहीं जताया है। मुझे लगता है कि यह वहीं आंकड़ा होगा जिसका अनुमान रिजर्व बैंक ने जताया है जो 7.4-7.5 प्रतिशत है।’’

12:28 (IST) 05 Dec 2018
राजकोषीय घाटे से निजी निवेश होगा बाधित : आरबीआई

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि किसी प्रकार की फिसलन से महंगाई पर असर होगा और निजी क्षेत्र के लिए निवेश की गुंजाइश कम पड़ जाएगी। साथ ही, बाजार में अस्थिरता बढ़ जाएगी।

11:57 (IST) 05 Dec 2018
अमेरिकी शेयरों में गिरावट रही

अमेरिकी शेयरों में मंगलवार को गिरावट रही। शेयर बाजार के तीनों प्रमुख सूचकांकों में तीन फीसदी से अधिक की गिरावट रही। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 799.36 अंकों यानी 3.10 फीसदी की गिरावट के साथ 25,027.07 रही। एसएंडपी 500 सूचकांक 90.31 अंकों यानी 3.24 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,700.06 पर रहा। नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक 283.09 अंकों यानी 3.80 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,158.43 पर रहा।

11:35 (IST) 05 Dec 2018
वैश्विक बिकवाली से शुरुआती कारोबार में 200 अंक से ज्यादा गिरा सेंसेक्स

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की आशंका फिर से गहराने के बाद वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली दिखी। इसका असर घरेलू शेयर बाजार में भी देखने को मिला। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सूचकांक बुधवार को शुरुआती कारोबार में 200 अंक से ज्यादा गिर गया। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध थमने की खबरों के बीच अगले 90 दिन में बातचीत शुरू होने पर छायी अनिश्चितता से निवेशकों में सतर्कता रही। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक 209.22 अंक यानी 0.58 प्रतिशत गिरकर 35,925.09 अंक पर आ गया। सेंसेक्स मंगलवार को 106.69 अंक यानी 0.29 प्रतिशत गिरकर 36,134.31 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी शुरुआती दौर में 75.90 अंक यानी 0.70 प्रतिशत फिसलकर 10,793.60 अंक पर आ गया। रिजर्व बैंक की जारी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के परिणामों को लेकर भी निवेशक सतर्क रहे।

11:10 (IST) 05 Dec 2018
डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 26 पैसे लुढ़का

विदेशी पूंजी निकासी और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बीच रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 26 पैसे गिरकर 70.75 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। मुद्रा डीलरों ने कहा कि आयातकों की ओर से अमेरिकी मुद्रा की मांग आने से रुपये पर दबाव रहा। इसके अलावा, निवेशकों ने आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे आने से पहले सतर्क रुख अपनाया। इससे पहले रुपया मंगलवार को 3 पैसे गिरकर 70.49 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

10:55 (IST) 05 Dec 2018
लाल निशान में खुले शेयर बाजार

देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में बुधवार को गिरावट का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.22 बजे 175.46 अंकों की गिरावट के साथ 35,958.85 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 67.35 अंकों की कमजोरी के साथ 10,802.15 पर कारोबार करते देखे गए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 98.66 अंकों की गिरावट के साथ 36035.65 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 49.05 अंकों की कमजोरी के साथ 10,820.45 पर खुला।