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अगर ऐसा हुआ तो 200 और 2000 के नोट नहीं लेंगे बैंक!

यह आरबीआई की धारा 28 का हिस्सा है। इस एक्ट में 5, 10, 50, 100, 1000, 5000 और 10,000 के करेंसी नोट का जिक्र किया गया है। लेकिन इस लिस्ट में 200 और 2000 रुपये के नोट का कोई उल्लेख नहीं है।

7th Pay Commission: तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

देश में नोटबंदी के बाद सरकार ने 500 और 1,000 के नोट बंद कर दिए थे। इसके बाद सरकार ने 500 के नए नोट निकाले थे। 500 के साथ साथ 2,000 रुपए का भी नया नोट निकाला था। इसके बाद अगस्त 2017 में 200 रुपए का भी नोट निकाला था। अगर आपके पास 200 या 2,000 रुपए के पुराने नोट हैं तो आपका नुकसान हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस संबंध ने बड़ा ऐलान किया है। आरबीआई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक अगर किन्हीं वजहों से 200 और 2000 रुपये के नोट गंदे हो जाते हैं तो बैंक न तो इन्हें बदलेगा और न ही जमा करेगा। दरअसल, करेंसी नोटों के एक्सचेंज से जुड़े नियमों के दायरे में इन नोटों को नहीं रखा गया है। यह जानकारी एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।

आपको बता दें कि कटे फटे नोट या गंदे नोटों के एक्सचेंज का मामला आरबीआई (नोट रिफंड) नियमों के अंतर्गत आता है। यह आरबीआई की धारा 28 का हिस्सा है। इस एक्ट में 5, 10, 50, 100, 1000, 5000 और 10,000 के करेंसी नोट का जिक्र किया गया है। लेकिन इस लिस्ट में 200 और 2000 रुपये के नोट का कोई उल्लेख नहीं है। इसकी बड़ी वजह यह है कि सरकार और केंद्रीय बैंक ने इनके एक्सचेंज पर लागू होने वाले प्रावधानों में बदलाव किए हैं।

बैंकर्स का मानना है कि नई सीरीज में कटे-फटे या फिर गंदे नोटों के संबंध में काफी कम मामले सामने आये हैं लेकिन उन्होंने चेताया है कि अगर प्रावधान में जल्द ही बदलाव नहीं किया गया तो दिक्कतें शुरू हो सकती हैं। आरबीआई ने दावा किया है कि उसने वित्त मंत्रालय को 2017 में संशोधन की जरूरत के लिए पत्र लिखा था। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के मुताबिक केंद्रीय बैंक को सरकार से जवाब मिलना अभी बाकी है। यह बदलाव विशेष रूप से एक्ट के सेक्शन 28 में किया जाना है जिसका संबंध खोए हुए, चोरी हुए, कटे-फटे या खराब हुए नोटों से है।

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