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आर्थिक मंदी पर बोले RBI गवर्नर शक्तिकांत दास- चुनौतियों से बचने के लिए करने होंगे संरचनात्मक सुधार

गवर्नर ने कहा कि व्यापार में गिरावट चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर फिलहाल मंदी की स्थिति नहीं है।

RBI governor, Shaktikanta Das, economic crisis, bjp, nirmala sithraman, finance ministryरिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास। (फाइल फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि संरचनात्मक सुधार के जरिए आर्थिक मंदी की चुनौतियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है। गवर्नर ने कहा कि व्यापार में गिरावट चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर फिलहाल मंदी की स्थिति नहीं है।

मुंबई में ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फोरम के एक कार्यक्रम के दौरान शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक मौजूदा परिस्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति में ढील देकर इसका मुकाबला करने में जुटे हैं। वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां हैं लेकिन इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है क्योंकि कुल कर्ज में विदेशी ऋण केवल 19.7 प्रतिशत ही है। बहरहाल वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमें संरचनात्मक सुधारों की जरूरत है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में निर्यात और आयात के अनुपात में सुधार हुआ है।

इससे पहले गवर्नर ने सोमवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा था कि आर्थिक वृद्धि दर में 5 प्रतिशत की कमी को ‘चौंकाने’ वाला करार दिया था। बैंक इसके पीछे की वजहों का पता लगा रहे हैं। अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती दिखाई दे रही है उसके लिए केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में कटौती कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से हाल में उठाए कदमों का जमीनी स्तर पर प्रभाव देखने को मिलेगा।

बता दें कि रिजर्व बैंक ने विमल जालान समिति की सिफारिशों को अमल में लाते हुए बीते महीने रिकार्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये का लाभांश और कैश रिजर्व मोदी सरकार को ट्रांसफर किया है। कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार को राजकोषीय घाटा बढ़ाए बिना सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी।

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