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आरबीआई गवर्नर ने कहा- फरवरी में ही मिल गए थे मंदी के संकेत, कड़े कदम उठाने पर ही सुधरेगी अर्थव्यवस्था की सेहत

आरबीआई ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर है। इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। सरकार की तरफ से उठाया गया कदम अर्थव्यवस्था को उबरने में मदद करेगा।

Author नई दिल्ली | Updated: September 20, 2019 2:08 PM
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सरकार के कदम से अर्थव्यवस्था को उबरने में मदद मिलेगी। (फाइल फोटो)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार की तरफ से कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती करने के निर्णय का स्वागत किया है।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को घरेलू कंपनियों के लिए सभी प्रकार के सेस व सरचार्ज मिलाकर 25.17 फीसदी टैक्स की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा कटौती इस वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी। इंडिया टुडे के कार्यक्रम शामिल होने पहुंचे गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सरकार की तरफ से उठाया गया कदम अर्थव्यवस्था को उबरने में मदद करेगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि यह साहसिक और स्वागत योग्य निर्णय है।

मालूम हो कि अरुण जेटली के वित्त मंत्री रहने के दौरान कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती कर इसे 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह भी एक बाधा थी और इस उपाय से अर्थव्यवस्था को मौजूदा दौर से उबरने में मदद मिलेगी। शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक को अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत इस साल फरवरी से ही मिल गए थे। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

आरबीआई प्रमुख ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर है। इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था का हवाला देकर भारत की मंदी का बचाव नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बात करते समय वैश्विक और बाहरी कारकों की भी बात करनी चाहिए।

अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कर रहे कामः आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को भूमि, श्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक की टीम आर्थिक विकास दर में बढ़ोतरी के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा की टीम पहली तिमाही और दूसरी तिमाही के विकास दर के आंकड़ों का विश्लेषण कर रही है। इसके आधार पर देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

दास ने कहा कि देश की विकास दर में कमी के कई कारण हैं तो उसे सुधारने के लिए कई मौके भीं हैं। आरबीआई गवर्नर ने विकास दर को लेकर कहा कि अभी हम उतनी खराब स्थिति में नहीं पहुंचे हैं।

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