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अब बैंकों में हफ्ते में 5 दिन होगा काम? RBI ने दी यह सफाई

Reserve Bank of India on Bank Holiday: वाणिज्यिक बैंकों की शाखाओं में अभी रविवार के अलावा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है।

Author April 21, 2019 1:10 PM
भारतीय रिजर्व बैंक। (फाइल फोटो)

Reserve Bank of India on Bank Holiday: रिजर्व बैंक ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उसने वाणिज्यिक बैंकों में सप्ताह में पांच ही दिन काम होने के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किया है।
रिजर्व बैंक की यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मीडिया के एक वर्ग में इस तरह की रिपोर्ट आई है कि रिजर्व बैंक के निर्देश के बाद वाणिज्यिक बैंकों में सप्ताह में पांच दिन ही काम होगा। स्पष्ट किया जाता है कि यह सूचना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।’’ विज्ञप्ति में कहा गया है कि रिजर्व बैंक ने इस तरह का कोई निर्देश जारी नहीं किया है। वाणिज्यिक बैंकों की शाखाओं में अभी रविवार के अलावा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। महीने के बाकी शनिवार को बैंकों में पूरे दिन कामकाज होता है।

50 रुपये का नोट होगा जारी: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कुछ दिनों पहले कहा कि वह 50 रुपये मूल्य के नए नोट को चलन में लाएगा। इस नोट पर गर्वनर शक्तिकांत दास के दस्तखत होंगे।
रिजर्व बैंक पचास रुपये का यह नया नोट महात्मा गांधी (नयी) सीरीज में जारी करेगा। इन नोटों का डिजाइन महात्मा गांधी की नयी सीरीज वाले 50 रुपये के नोट के समान ही होगा। आरबीआई ने कहा, “पूर्व में जारी किए गए 50 रुपये के सभी नोट चलन में बने रहेंगे।”

रेपो दर में कटौती: घरेलू आर्थिक वृद्धि के कमजोर पड़ने के साथ वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास को नीतिगत ब्याज दर (रेपो दर) में 0.25 प्रतिशत कटौती के पक्ष में अपना मत देने के लिए प्रेरित किया। इस महीने के शुरू में हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक के ब्योरे में यह बात कही गई है।

हालांकि , डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने रेपो दर को पहले के स्तर पर बरकार रखने का पक्ष लिया था। उन्होंने आग्रह किया कि रेपो दर में कटौती करने के फैसले से पहले रिजर्व बैंक को अतिरिक्त आंकड़ों के लिए ” कुछ समय और इंतजार ” करना चाहिए। छह सदस्यीय समिति के एक और विशेषज्ञ सदस्य चेतन घाटे ने भी कटौती के विरोध में मतदान किया था। समिति के छह में से चार सदस्यों ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के पक्ष में मतदान किया था।

मौद्रिक नीति समिति की चार अप्रैल को समाप्त हुई बैठक में रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति में आई नरमी को देखते हुये लगातार दूसरी बार नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती करके इसे 6 प्रतिशत कर दिया था। इससे रेपो दर अब पिछले एक साल के निचले स्तर पर आ गयी है। हालांकि , मानसून को लेकर अनिश्चितता को देखते हुए रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ बनाये रखा।

ब्योरे के मुताबिक , दास ने कहा कि घरेलू आर्थिक वृद्धि के कमजोर पड़ने के साथ वैश्विक वृद्धि में सुस्ती भारत के निर्यात के लिए प्रमुख खतरा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सूचकांक वृद्धि में और गिरावट का संकेत दे रहे हैँ। यात्री कारों की बिक्री और घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में गिरावट , टिकाऊ एवं गैर – टिकाऊ उपभोग वस्तुओं का खराब प्रदर्शन तथा सोने और पेट्रोलियम को छोड़कर अन्य आयात में कमी निजी खपत में कमजोरी को दर्शाती है।

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