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RBI का चला डंडा, ग्राहकों को नए कार्ड जारी नहीं कर सकेंगी ये दो कंपनियां

अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉरपोरेशन और डाइनर्स क्लब इंटरनेशनल लि. पेमेंट फैसिलिटी सिस्टम ऑपरेटर हैं। दोनों को देश में कार्ड पेमेंट फैसिलिटी के परिचालन का लाइसेंस मिला है।

rbi, rbi news, rbi latestRBI का चला डंडा (Photo-Indian Express )

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉरपोरेशन और डाइनर्स क्लब इंटरनेशनल लि. पर एक मई से नये ग्राहकों को कार्ड जारी करने से प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय ग्राहकों के आंकड़े और अन्य जानकारी भारत में संरक्षित करने के नियमों के उल्लंघन को लेकर यह पाबंदी लगायी गयी है।

इस बीच, अमेरिकन एक्सप्रेस ने कहा कि वह आंकड़ों और जानकारी को स्थानीय स्तर पर रखे जाने को लेकर आरबीआई के साथ लगाातार बातचीत करती रही है और नियमों के पालन को लेकर प्रगति के बारे में जानकारी दी थी। कंपनी ने कहा, ‘‘हम आरबीआई के कदम से दु:खी हैं। हम आरबीआई की चिंताओं को दूर करने के लिये उनके साथ काम कर रहे हैं। इससे भारत में हमारे मौजूदा ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और हमारे ग्राहक हमारे कार्ड का पहले की तरह उपयोग और स्वीकार कर सकते हैं।’’

आपको यहां बता दें कि अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉरपोरेशन और डाइनर्स क्लब इंटरनेशनल लि. पेमेंट फैसिलिटी सिस्टम ऑपरेटर हैं। दोनों को देश में भुगतान और निपटान प्रणाली कानून, 2007 (पीएसएस कानून) के तहत कार्ड पेमेंट फैसिलिटी के परिचालन का लाइसेंस मिला है। (ये पढ़ें— कोरोना काल में SBI ने शुरू की नई सुविधा, घर बैठे कर सकेंगे ये काम)

क्या है मामलाः अप्रैल 2018 में पेमेंट व्यवस्था से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करने को कहा गया था कि उनके द्वारा परिचालित भुगतान प्रणाली से संबद्ध आंकड़े और जानकारी छह महीने के भीतर भारत में निर्धारित व्यवस्था में ही रखनी है। (ये पढ़ें— नई तैयारी में रामदेव की पतंजलि)

उन्हें आरबीआई को भी सूचित करना था। साथ ही सीईआरटी-इन (इंडियन कंप्यूटर एमरजेंसी रिस्पांस टीम) के पैनल में शामिल ऑडिटरों द्वारा किये गये ‘सिस्टम ऑडिट रिपोर्ट’ निदेशक मंडल की मंजूरी के साथ जमा करनी थी।

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वेज एंड मीन्स एडवांस (तात्कालिक देनदारी पूरी करने के लिए उधार) की व्यवस्था के तहत अंतरिम 51,560 करोड़ रुपये की सीमा 30 सितंबर, 2021 तक बनी रहेगी। इस सुविधा के तहत आरबीआई सरकार को प्राप्ति और भुगतान के अंतर को पूरा करने के लिये कर्ज देता है।

RBI अस्थायी कर्ज की बढ़ी सुविधा रखेगा जारी: आरबीआई ने कहा कि राज्य सरकारों के लिये डब्ल्यूएमए पर बनी परामर्श समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की अस्थायी कर्ज सुविधा योजना को संशोधित किया गया है। समिति राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कुल व्यय के आधार पर अस्थायी कर्ज सुविधा सीमा तय करती है। यह सीमा 47,010 करोड़ रुपये बनती है, पर कोविड19 के चलते अस्थायी उधार की सीमा अंतरिम रूप से बढ़ा दी गयी है।

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