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कॉल ड्रॉप कम करने के लिए सख्त कार्रवाई, नए टावर भी लगे: प्रसाद

सरकार ने कहा है कि देश में कॉल ड्रॉप की समस्या को कम करने की कोशिशों में कामयाबी मिल रही है। नए मोबाइल टावर लगा कर इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और निगरानी रखी जा रही है..

Author नई दिल्ली | Updated: December 24, 2015 12:58 AM
Telecom Company, Call Drop, Call Drop News, Call Drop Telecom, manoj Sinha, Call Drop latest Newsदूरसंचार परिचालक रेडियो-लिंक प्रौद्योगिकी (आरएलटी) का उपयोग कर रहे हैं जिससे उन्हें कॉल ड्राप को ढांपने में मदद मिलती है।

सरकार ने कहा है कि देश में कॉल ड्रॉप की समस्या को कम करने की कोशिशों में कामयाबी मिल रही है। नए मोबाइल टावर लगा कर इस दिशा में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और निगरानी रखी जा रही है। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में रामचरित्र निषाद के सवाल के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उनका विभाग कॉल ड्रॉप की समस्या में कमी लाने के लिए सख्ती से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के दबाव में मोबाइल संचालक कंपनियों ने देश में 29000 नए टावर लगाए हैं जिनमें से 2200 नए टावर दिल्ली में लगाए गए हैं। प्रसाद ने कहा कि बीएसएनएल ने 4500 नए मोबाइल टावर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनका विभाग हर सप्ताह इस प्रक्रिया पर निगरानी रखता है और पूरी सख्ती से काम कर रहा है।

कॉल ड्रॉपिंग के बारे में मोबाइल आॅपरेटरों को किसी तरह के दंड के प्रावधान के सवाल पर मंत्री ने कहा कि ट्राई ने जुर्माने का प्रावधान बनाया है जिसके खिलाफ मोबाइल संचालकों ने अदालत में गुहार लगाई और मामला विचाराधीन है। उन्होंने मोबाइल टावरों से निकलने वाले विकिरणों से आसपास रहने वाले लोगों को कैंसर होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 30000 से अधिक लोगों पर अध्ययन कर इस आशंका को पूरी तरह निराधार साबित किया है।

प्रसाद ने कहा कि मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के सामने आने वाली कॉल ड्रॉप की समस्या को समाप्त करने के लिए नये मोबाइल टॉवर लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई मोबाइल टॉवर से किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत का मेडिकल प्रमाण देता है तो उनका विभाग उसे जरूर देखेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल टावरों की नई तकनीक लाने और एक टावर पर अधिक कंपनियों की साझेदारी की प्रक्रिया चल रही है।

कुछ सदस्यों को सवालों के जवाब में प्रसाद ने बताया कि देश के 55669 गांवों में अभी भी मोबाइल टेलीफोन सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अभी ग्रामीण दूरसंचार सेवाओं का घनत्व 49.79 प्रतिशत और शहरी दूरसंचार घनत्व 152.36 प्रतिशत है। प्रसाद ने बताया कि देश के 597608 आबादी वाले गांवों में से 541939 गांवों में मोबाइल दूरसंचार सेवाएं हैं और 55669 गांवों में अभी भी मोबाइल दूरसंचार सेवा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से 9.31 प्रतिशत गांव बिना मोबाइल दूरसंचार सेवाओं के हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेÞत्र में दूरसंचार घनत्व के अंतर कम करने के लिए कार्य तेजी से आगे बढ़ाया है। राष्ट्रीय दूरसंचार नीति में 2017 तक ग्रामीण दूरसंचार घनत्व को 70 प्रतिशत और 2020 तक इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

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