रतन टाटा ने टाटा संस के उत्तराधिकारी को लेकर कही बड़ी बात, अगले साल खत्म हो रहा है एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल

हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चंद्रशेखरन को दूसरी बार टाटा संस का चेयरमैन बनाया जा सकता है। इस रिपोर्ट को लेकर रतन टाटा ने अपना बयान जारी किया है। रतन टाटा ने कहा है कि बोर्ड से विचार-विमर्श के बाद ही उत्तराधिकारी को लेकर फैसला होगा।

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टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली कंपनी है JLR

टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा अपनी ग्रुप कंपनियों की लीडरशिप को लेकर काफी सक्रिय रहते हैं। अब उन्होंने टाटा संस के उत्तराधिकारी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। रतन टाटा ने एक बयान जारी कर कहा है कि टाटा संस का उत्तराधिकारी बोर्ड के साथ उचित विचार-विमर्श के बाद ही तय किया जाएगा।

रतन टाटा ने अपने बयान में कहा है कि टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दूसरा कार्यकाल देने के लिए किसी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया है। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन ने कहा कि वे शेयरहोल्डर्स को भरोसा दिलाते हैं कि उत्तराधिकारी के संबंध में कोई भी फैसला काफी पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। टाटा संस के बोर्ड के साथ विचार-विमर्श के बिना उत्तराधिकारी का फैसला नहीं किया जाएगा।

रतन टाटा ने इसलिए दिया बयान: हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चंद्रशेखरन को टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा। इस रिपोर्ट के जवाब के तौर पर रतन टाटा ने यह बयान दिया है। यह रिपोर्ट टाटा ग्रुप के कुछ अधिकारियों से बातचीत के आधार पर तैयार की गई थी। इसमें टाटा ग्रुप के अधिकारियों ने कहा था कि चंद्रशेखरन के प्रदर्शन की स्टेकहोल्डर सराहना कर रहे हैं।

उचित समय पर उत्तराधिकारी के नाम पर चर्चा: वहीं टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को कहा कि उत्तराधिकारी तय करने को लेकर टाटा संस और बोर्ड की एक कमेटी है। यह कमेटी उचित समय पर उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराधिकारी को लेकर उनकी रतन टाटा या टाटा ट्रस्ट या टाटा संस के बोर्ड से कोई बातचीत नहीं हुई है। ऐसे मुद्दों पर सबसे पहले बोर्ड के सामने पेश किए जाते हैं। उसके बाद ही कोई फैसला होता है।

फरवरी 2022 में खत्म हो रहा है चंद्रशेखरन का कार्यकाल: टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2022 में खत्म होने जा रहा है। सामान्य तौर पर टाटा संस के चेयरमैन को पांच साल की अवधि के लिए चुना जाता है।

तीन साल में 8 फीसदी बढ़ी टाटा ग्रुप की बिक्री: चंद्रशेखरन के कार्यकाल में बीते तीन साल में टाटा ग्रुप की बिक्री में 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2018 में टाटा ग्रुप की कुल बिक्री 6.54 लाख करोड़ रुपए थी जो वित्त वर्ष 2021 में बढ़कर 7.06 करोड़ रुपए हो गए है। इस अवधि में ग्रुप का नेट प्रॉफिट 51 फीसदी बढ़कर 21,617 करोड़ रुपए हो गया है। ग्रुप का अधिकांश प्रॉफिट टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस से आता है।

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