N Chandrasekaran Resigns From Tata Sons: देश के सबसे बड़े कारोबारी ग्रुप में से एक टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। रतन टाटा के राइट हैंड माने जाने वाले एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है।

हालांकि, वे फरवरी 2027 तक अपनी जिम्मेदारियों पर बने रहेंगे। उनका यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले सामने आया है।

जनसत्ता के सहयोगी द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स में मतभेदों के बाद यह बदलाव हुआ है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी है और ट्रस्टियों ने अनौपचारिक रूप से चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे न बढ़ाने पर सहमति बनाई थी। इसी के बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई।

2017 में संभाली थी टाटा समूह की कमान

एन चंद्रशेखरन ने फरवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। वे टाटा परिवार से बाहर के पहले पेशेवर मैनेजर थे, जिन्हें पूरे टाटा समूह की कमान सौंपी गई। उन्हें साइरस मिस्त्री के बाद यह जिम्मेदारी दी गई थी। फरवरी 2022 में उनके कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाया गया था, जो फरवरी 2027 तक चलना था।

तमिल माध्यम से पढ़ाई, फिर कॉरपोरेट जगत की ऊंचाइयों तक

एन चंद्रशेखरन का पूरा नाम नटराजन चंद्रशेखरन है। उनका जन्म 1963 में तमिलनाडु के नामक्कल जिले के मोहापुर गांव में हुआ। शुरुआती शिक्षा उन्होंने तमिल माध्यम के सरकारी स्कूल में हासिल की।

इसके बाद कोयंबटूर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन किया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पूर्व रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज) तिरुचिरापल्ली से कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर्स (MCA) किया। बाद में उन्होंने आईआईएम कोलकाता से प्रबंधन शिक्षा भी प्राप्त की।

TCS में इंटर्न से चेयरमैन तक का सफर

चंद्रशेखरन ने 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में इंटर्न के रूप में करियर शुरू किया। करीब तीन दशक तक उन्होंने TCS में काम किया और धीरे धीरे कंपनी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे।

2009 में वे TCS के CEO और Managing Director बने। उस समय 46 साल की उम्र में वे टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में सबसे युवा CEO थे।

उनकी अगुआई में TCS ने वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार किया। कंपनी की आय और बाजार मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

टाटा समूह में बड़े फैसले

टाटा संस के चेयरमैन के रूप में चंद्रशेखरन ने समूह के कई बड़े रणनीतिक फैसलों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में Air India का अधिग्रहण हुआ। इसके अलावा उन्होंने समूह की डिजिटल, टेक्नोलॉजी और वैश्विक विस्तार रणनीति को भी आगे बढ़ाया।

वे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, TCS और इंडियन होटल्स जैसी कई बड़ी कंपनियों के चेयरमैन भी हैं। अब इन कंपनियों को भी फरवरी 2027 तक नया नेतृत्व मिल सकता है।

पद्म भूषण और ‘मैराथन मैन’ की पहचान

भारतीय कॉरपोरेट जगत में योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। 2013, 2014 और 2015 में उन्हें इंडिया टुडे समूह की ओर से लगातार “बेस्ट CEO” का सम्मान मिला।

कॉरपोरेट दुनिया के अलावा वे फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं। उन्हें अक्सर ‘मैराथन मैन’ कहा जाता है। वे मुंबई, टोक्यो, न्यूयॉर्क, बर्लिन, शिकागो और बोस्टन समेत कई अंतरराष्ट्रीय मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं। फोटोग्राफी भी उनका पसंदीदा शौक है।

अब सबसे बड़ा सवाल अगला चेयरमैन कौन?

टाटा समूह को अगले छह महीनों में चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी। 18 अगस्त की AGM से पहले उनके इस्तीफे ने यह साफ कर दिया है कि टाटा समूह एक नए नेतृत्व परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर चुका है।

यह भी पढ़ें: विजय सिंह ने छोड़ा टाटा ट्रस्ट

टाटा समूह की परोपकारी इकाई टाटा ट्रस्ट्स से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 14 अगस्त को समाप्त होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…