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राकेश झुनझुनवाला की Akasa Airline की अगले हफ्ते होगी टेस्टिंग, जुलाई के अंत में होगी पहली उड़ान

अकासा भारत की सबसे नई एयरलाइन, देश के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के साथ अगले हफ्ते की शुरुआत में उड़ान की टेस्टिंग करेगी और इसके बाद जुलाई के अंत तक एयरलाइन शुरू किया जाएगा।

Rakesh Jhunjhunwala | share market| jhunjhunwala photo|
राकेश झुनझुनवाला (फोटो- Twitter/rakesh_bot)

राकेश झुनझुनवाला की अकासा एयरलाइन अपनी पहली उड़ान भरने के लिए तैयार हो रही हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने शुक्रवार को कहा कि अकासा भारत की सबसे नई एयरलाइन, देश के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के साथ अगले हफ्ते की शुरुआत में उड़ान की टेस्टिंग करेगी और इसके बाद जुलाई के अंत तक एयरलाइन शुरू किया जाएगा।

विनय दूबे ने स्टार्टअप एयरलाइन के कार्यालय में एक इंटरव्‍यू में कहा कि अरबपति राकेश झुनझुनवाला की अकासा एयरलाइन उड़ाने के लिए तय समय के भीतर अपने एयर ऑपरेटर का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेगा। इसके बाद हवाई अड्डे के स्लॉट के लिए आवेदन करेगा और दो से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर टिकट बेचना शुरू किया जाएगा।

2023 में अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानें
उन्‍होंने कहा कि पॉइंट-टू-पॉइंट सेवाओं पर ध्यान देने के साथ ही इस एयरलाइन की उड़ान घरेलू होगी। इसके बाद 2023 की दूसरी छमाही में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जा सकती हैं। विनय दुबे ने कहा कि ” अकासा का नेटवर्क भारतीय मेट्रो शहरों से टियर टू और टियर थ्री शहरों के लिए उड़ानों पर ध्यान केंद्रित करेगा।”

महीने में एक से दो विमानों की डिलीवरी
अकासा के कार्यकारी अधिकारी के तौर पर आदित्य घोष भी शामिल हैं, जिन्होंने लगभग एक दशक तक कम लागत वाली वाहक इंडिगो का नेतृत्व किया है। उनका कहना है कि मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वर्ष में 18 विमान जोड़ने का इरादा है। विनय दुबे ने कहा कि 72 बोइंग की उड़ान नवंबर से शुरू किए जाएंगे। चूकि 737 मैक्स जेट, जिसकी कीमत 9 बिलियन डॉलर है, इस कारण असका को महीने में एक से दो विमानों की डिलीवरी लेनी चाहिए।

कितना होगा किराया
उन्‍होंने कहा कि अभी भारत में घरेलू उड़ान के लिए जो किराया वसूला जा रहा है, लगभग वही होगा। किराया को लेकर कोई प्रतिस्‍पर्धा नहीं होगा, जबकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। उन्‍होंने कहा कि “मुझे नहीं लगता कि भारत के पास अतिरिक्त आपूर्ति है – भारत को अगले 20 वर्षों में 1,000 विमानों की आवश्यकता होगी।”

120 जेट विमानों को जोड़ने की योजना
दरअसल, देश के नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि भारत को मांग के साथ तालमेल रखने के लिए हर साल 120 जेट विमानों को जोड़ने की जरूरत हो सकती है। देश छोटे शहरों में भी हवाई अड्डों का निर्माण करके, अधिक पायलटों और चालक दल के प्रशिक्षण के साथ-साथ रखरखाव सुविधाओं में सुधार करके कमर कस रहा है।

100 से अधिक पायलट
असका का दिल्ली में अपना एक पायलट प्रशिक्षण केंद्र है और केबिन क्रू के शीर्ष पर वाणिज्यिक सेवाओं की शुरुआत की तैयारी के लिए 100 से अधिक पायलटों को काम पर रखा है। उन्होंने कहा कि नए इंजनों के साथ एकदम नए विमान उड़ाकर अकासा में 15 से 17% ईंधन दक्षता होगी। अकासा को अपनी परिचालन प्रक्रियाओं और प्रथाओं के कारण ईंधन की लागत पर भी बढ़त मिलेगी।

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