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तेजी से माल ढुलाई हो इसके लिए रेलवे अगले साल तक लाएगा तेज रफ्तार वाला इंजन

रेलवे अगले साल के प्रारंभ में अपनी तरह का पहला उच्च क्षमता वाला इलेक्ट्रिक इंजन लाएगी जिसका इस्तेमाल मालगाड़ियों की रफ्तार दोगुनी करने के लिए किया जाएगा। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सार्वजनिक परिवाहक बिहार के मधेपुरा इंजन कारखाने में फ्रांसीसी कंपनी अलस्टोम के साथ संयुक्त उपक्रम की स्थापना कर […]

Author नई दिल्ली | May 23, 2017 17:35 pm

रेलवे अगले साल के प्रारंभ में अपनी तरह का पहला उच्च क्षमता वाला इलेक्ट्रिक इंजन लाएगी जिसका इस्तेमाल मालगाड़ियों की रफ्तार दोगुनी करने के लिए किया जाएगा। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सार्वजनिक परिवाहक बिहार के मधेपुरा इंजन कारखाने में फ्रांसीसी कंपनी अलस्टोम के साथ संयुक्त उपक्रम की स्थापना कर वहां अगले 11 साल में 800 ऐसे इंजन बनाएगा। पहला ऐसा इंजन फ्रांस में अलस्टोम की फैक्ट्रियों में बने उपकरणों को एसेम्बल कर बनाया जाएगा और इस पर करीब 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उसका पहला प्रायोगिक परीक्षण अगले साल फरवरी में किया जाएगा।

बारह हजार होर्स पावर क्षमता के इस इंजन से मालढुलाई ट्रेनों की गति वर्तमान 20 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 50 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी और मालों को शीघ्र उसके गंतव्यों तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल रेलवे मालढुलाई के लिए 6000 होर्सपावर के इंजन का इस्तेमाल कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि रफ्तार बढ़ने से रेल नेटवर्क की लाइन क्षमता में भी सुधार आएगा।

रेलवे ने नवंबर, 2015 में अलस्टोम को 20000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का ठेका दिया था। मधेपुरा की इस परियोजना का एफडीआई अवयव करीब 1200 करोड़ रुपये का है। पांच इंजन 2019 तक इस फैक्ट्री में एसेम्बल किये जाएंगे और बाकी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाये जाएंगे।

बता दें कि भारतीय रेलवे ट्रेन में भी कई तरह की सुविधाएं देने जा रहा है। हाल ही तेजस एक्सप्रेस को सरकार से हरी जंडी मिली है। इससे पहले भी खबर आई थी कि केंद्र सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की कोशिश में अब एक नया कदम उठा सकती है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने इस योजना को लेकर नई जानकारी दी थी। सरकार अब सभी रेलवे स्टेशनों के पास जन औषधि स्टोर खोलने का प्लान कर रही है जहां पर लोगों को बढ़िया क्वालिटी की दवाइयां सस्ते दामों पर मिल सकेगी। सरकार की योजना है कि राज्यों के छोटे और दूर दराज इलाकों में स्थित बस अड्डों के पास भी इन दुकानों को खोला जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा दवाइयां लोगों तक पहुंच सके। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा- “मैं आने वाले दिनों में रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु से जन औषधि भंडार खोलने के लिए बोलूंगा (जेएएस)।

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