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EASE 3.0 for Public Sector Banks: सरकारी बैंकों में होने वाले हैं बड़े सुधार, मॉल और स्टेशन जैसी जगहों पर भी खुलेंगे आउटलेट्स

EASE 3.0 for Public Sector Banks: मॉल्स, स्टेशनों, कॉम्प्लेक्स और शैक्षणिक एवं अन्य परिसरों में ही बैंकिंग आउटलेट्स खुलेंगे। इसके जरिए दरअसल वित्त मंत्रालय का यह प्लान है कि लोगों को बैंकों के चक्कर लगाने से बचाया जा सके और वहीं पर सुविधाएं दी जाएं, जहां वे अकसर जाते हैं।

फाइल फोटो

EASE 3.0 for Public Sector Banks: यदि आप सरकारी बैंकों के ग्राहक हैं तो फिर जल्दी ही आपको कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को EASE 3.0 रिफॉर्म अजेंडा को लॉन्च किया। EASE का अर्थ एनहैंस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सिलेंस से है। इसके जरिए सरकारी बैंकों के कामकाज को आधुनिक और तकनीक पर आधारित बनाया जाएगा। निर्मला सीतारमण की ओर से ‘रिफॉर्म्स एजेंडा फाइनेंशियल ईयर 21 और EASE 3.0’ को रिलीज करते हुए कहा कि सरकार ने बैंकों में कुछ बदलाव करने का फैसला लिया है।

मॉल और स्टेशनों पर भी मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं: ग्राहकों को EASE 3.0 रिफॉर्म के जरिए पाम बैंकिंग की सुविधा मिलेगी। पाम बैंकिंग के तहत फाइनेंशियल सर्विसेज की एंड-टू-एंड डिजिटल डिलिवरी होगी। इसके अलावा ‘Banking on Go’ की सुविधा लॉन्च की जाएगी। मॉल्स, स्टेशनों, कॉम्प्लेक्स और शैक्षणिक एवं अन्य परिसरों में ही बैंकिंग आउटलेट्स खुलेंगे। इसके जरिए दरअसल वित्त मंत्रालय का यह प्लान है कि लोगों को बैंकों के चक्कर लगाने से बचाया जा सके और वहीं पर सुविधाएं दी जाएं, जहां वे अकसर जाते हैं। यही नहीं इन सुविधाओं को भी डिजिटली मुहैया कराया जाए ताकि मौके पर दस्तावेजों की जरूरत न रहे।

बैंकों में सुधार के लिए तय हुईं 6 थीम: दरअसल वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों को बड़े स्तर पर डिजिटल करने की योजना तैयार की है। इसके तहत 6 थीम तय किए गए हैं- जिनमें रेस्पॉन्सिव बैंकिंग, कस्टमर फीडबैक, उद्यमी मित्र के तौर पर बैंक, क्रेडिट टेक ऑफ और हर किसी की वित्तीय भागीदारी। वित्त सचिव राजीव कुमार ने भी ट्वीट कर जानकारी दी थी कि सरकार बैंकों को लेकर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर करने की कोशिशों में जुटी है। इसके तहत Dial-a-loan और credit at a click जैसी सुविधाएं देने पर विचार किया जा रहा है।

बैंकों को आदेश, ग्राहकों से स्थानीय भाषा में बात करें: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे भले ही लोगों को लोन दें या न दें, लेकिन जवाब सही से दिया जाना चाहिए। निर्मला ने कहा कि सरकारी बैंकों को ग्राहकों से अपने कनेक्ट को सुधाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रांच स्तर पर भी बैंकों के अधिकारी ग्राहकों से स्थानीय भाषा में बात नहीं करते हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं के बारे में नहीं बताते। EASE 3.0 की लॉन्चिंग करते हुए वित्त मंत्री ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई।

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