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इन लोगों को स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन का फायदा मिलने को लेकर असमंजस, भरना पड़ सकता है ज्‍यादा टैक्‍स

स्टैंडर्ड डिडक्शन सैलरी से होने वाली इनकम पर दिया गया है। वर्तमान में ईपीएस या एनपीएस से पेंशन आय का वेतन आय के रूप में मूल्यांकन किया जा रहा है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।

जो लोग नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में योगदान दे रहे हैं, वे केवल बीमा पॉलिसी से एक वार्षिकी खरीदने के लिए अंतिम कोष के हिस्से का उपयोग करके रिटायरमेंट के बाद पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

केंद्र सरकार ने आम बजट 2018 में टैक्स स्लैब में तो कोई बदलाव नहीं किया था लेकिन 40,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन अलग से दे दिया था। अब इसमें निजी क्षेत्र के पेशंनभोगियों को ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। ऐसा लग है कि निजी क्षेत्र के पेंशनभोगी बजट 2018 में प्रस्तावित 40,000 रुपए तक के स्टैंडर्ड डिडक्शन का दावा नहीं कर पाएंगे, जब तक कि सरकार एक विशिष्ट स्पष्टीकरण जारी नहीं करती है। हालांकि, सरकारी पेंशनभोगी पूर्ण लाभ लेने में सक्षम होंगे। रिटारमेंट के बाद ज्यादातर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को अपने नियोक्ताओं से सीधे कोई पेंशन नहीं मिलती है। ये कर्मचारी, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) से पेंशन प्राप्त कर सकते हैं, यदि वे अपनी नौकरी के दौरान इस योजना के सदस्य थे या बीमा कंपनी से वार्षिकी (एक प्रकार का पेंशन) खरीदते हैं।

इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक, जो लोग नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में योगदान दे रहे हैं, वे केवल बीमा पॉलिसी से एक वार्षिकी खरीदने के लिए अंतिम कोष के हिस्से का उपयोग करके रिटायरमेंट के बाद पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, रिटायरमेंट के बाद निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए मुख्य ‘पेंशन’ स्रोत ईपीएस या बीमा कंपनियों की वार्षिकियां हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक यह संभव नहीं दिखता कि मौजूदा कानूनों के मुताबिक, इस तरह के पेंशन-एपीएस या वार्षिकी प्राप्त करने वाला व्यक्ति – 40,000 रुपये की प्रस्तावित मानक कटौती का दावा करने में सक्षम होगा। इसलिए, निजी क्षेत्र के पेंशनभोगियों को 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलने की संभावना नहीं है जब तक सरकार एक विशिष्ट नोटिफिकेशन जारी नहीं करती।

विशेषज्ञ के मुताबिक वित्त विधेयक 2018 के अनुसार संशोधन, स्टैंडर्ड डिडक्शन सैलरी से होने वाली इनकम पर दिया गया है। वर्तमान में ईपीएस या एनपीएस से पेंशन आय का वेतन आय के रूप में मूल्यांकन किया जा रहा है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को जल्द से जल्द इस मुद्दे को स्पष्ट करना चाहिए। रोजगार के साथ असंबद्ध निजी पेंशन योजनाओं के तहत इस तरह के “पेंशन” को निजी पेंशन माना जाएगा जो निवेश आय की प्रकृति में है। यह न तो सैलरी इनकम है और न ही फैमिली पेंशन है। इस तरह से होने वाली इनकम पर दूसरी अन्य आय की तरह टैक्स देना होगा।

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