राष्ट्रपति बोले- गरीबों को आरक्षण ऐतिहासिक फैसला, गरीब नौजवानों के साथ हुआ न्याय

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण संबंधी सरकार के कदम को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय हुआ है जो गरीबी के अभिशाप के कारण खुद को वंचित महसूस कर रहे थे।

Author '; has given hope to people: .. | Updated: January 31, 2019 6:08 PM
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण संबंधी सरकार के कदम को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय हुआ है जो गरीबी के अभिशाप के कारण खुद को वंचित महसूस कर रहे थे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण संबंधी सरकार के कदम को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय हुआ है जो गरीबी के अभिशाप के कारण खुद को वंचित महसूस कर रहे थे। उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में यह भी कहा कि सरकार ने नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार के जघन्य अपराध की सजÞा के लिए अपराधी को फांसी की सजा देने जैसा महत्वपूर्ण फैसला किया। साथ ही वह तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के जीवन भयमुक्त बनाने के लिए प्रयास कर रही है।

कोविंद ने कहा, ‘‘बीते शीतकालीन सत्र में संसद द्वारा संविधान का 103वां संशोधन पारित करके, गरीबों को आरक्षण का लाभ पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। यह पहल, देश के उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय करने का प्रयास है जो गरीबी के अभिशाप के कारण वंचित महसूस कर रहे थे।’’ उन्होंने नौजवानों के लिए उठाए गए सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नौजवानों को अपने व्यवसाय के लिए आसानी से ऋण प्राप्त हो, इसके लिए ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत, बिना किसी गारंटी के 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के ऋण दिए गए हैं। इसका लाभ, ऋण प्राप्त करने वाले 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने उठाया है।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उच्च स्तरीय प्रोफेशनल एजुकेशन (पेशेवर शिक्षा) के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रही है और 7 आईआईटी, 7 आईआईएम, 14 आईआईआईटी, एनआईटी और 4 एनआईडी की स्थापना की जा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी नाबालिग के साथ बलात्कार करने के जघन्य अपराध की सजÞा के लिए सरकार ने अपराधी को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया है। कई राज्यों में तेजी से सुनवाई के बाद, दोषियों को फांसी की सजा मिलने से, ऐसी विकृत सोच रखने वाले लोगों में कड़ा संदेश गया है।’’ कोंिवद ने कहा, ‘‘हमारी मुस्लिम बेटियों को डर और भय की जÞन्दिगी से मुक्ति दिलाने तथा उन्हें अन्य बेटियों के समान जीवन जीने के अधिकार देने हेतु मेरी सरकार, तीन तलाक से जुड़े कानून को संसद से पारित करवाने का लगातार प्रयास कर रही है।’’

Next Stories
1 सहारा केसः करोड़ों का बकाया न जमा करने पर सुब्रत राय की मुश्किलें बढ़ीं, SC बोला- 28 फरवरी से पहले हाजिर हों
2 नोटबंदी के बाद बेरोजगारी दर ने तोड़ा 45 साल का रिकॉर्ड, पहली बार सामने आया सरकारी आंकड़ा
3 यूरोप में भी लिट्टी-चोखा बनाकर खाते हैं ये बिहारी बाबू, Trivago के ऐड ने बनाया घर-घर में मशहूर
यह पढ़ा क्या?
X