ताज़ा खबर
 

बिजली वितरण कंपनियों की माली हालत खस्ताहाल, बकाया बढ़कर 70,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंचा

वेब पोर्टल और भुगतान पुष्टि एवं उत्पादकों की बिल -प्रक्रिया में पारर्दिशता लाने हेतु बिजली खरीद विश्लेषण एप प्राप्ति के अनुसार सितंबर, 2018 तक वितरण कंपनियों पर बिजली उत्पादन कंपनियों का कुल बकाया 50,583 करोड़ रुपये था।

Author नई दिल्ली | Updated: November 3, 2019 2:40 PM
electricityतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है

बिजली का वितरण करने वाली कंपनियों यानी डिस्कॉम पर बिजली उत्पादन कंपनियों का कुल बकाया सितंबर 2019 में एक साल पहले के इसी माह के मुकाबले 37 प्रतिशत बढ़कर 69,558 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे बिजली क्षेत्र पर दबाव का पता चलता है। वेब पोर्टल और भुगतान पुष्टि एवं उत्पादकों की बिल -प्रक्रिया में पारर्दिशता लाने हेतु बिजली खरीद विश्लेषण एप प्राप्ति के अनुसार सितंबर, 2018 तक वितरण कंपनियों पर बिजली उत्पादन कंपनियों का कुल बकाया 50,583 करोड़ रुपये था।

इस पोर्टल को मई, 2018 में शुरू किया गया था। इसका मकसद उत्पादों और वितरण कंपनियों के बीच बिजली खरीद प्रक्रिया में पारर्दिशता लाना था।
इस साल सितंबर में उत्पादक कंपनियों द्वारा भुगतान के लिये दी जाने वाली 60 दिन की ‘छूट’ अवधि के बाद वितरण कंपनियों पर बकाया राशि 52,408 करोड़ रुपये थी, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 34,658 करोड़ रुपये थी।

बिजली उत्पादक कंपनियां डिस्कॉम को बिजली आपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए 60 दिन का समय देते हैं। उसके बाद यह राशि समय पर नहीं चुकाई गई बकाया राशि की श्रेणी में आ जाती है और उत्पादक कंपनियां ज्यादातर मामलों में जुर्माने के रूप में ब्याज भी वसूलती हैं।

बिजली उत्पादक कंपनियों को राहत के लिए केंद्र सरकार ने एक अगस्त से भुगतान सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके तहत डिस्कॉम को बिजली आपूर्ति पाने के लिए ऋण पत्र की जरूरत होगी। अगस्त, 2019 में डिस्कॉम पर कुल बकाया 80,087 करोड़ रुपये था। इसमें से 60,935 करोड़ रुपये का बकाया ऐसा था जो बिजली कंपनियां समय पर चुका नहीं पाई थीं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Motor Insurance Claims पाना होगा अब और भी आसान! गाड़ियों के डैमेज पर IRDAI लाया यह प्रस्ताव
2 ”भारत में निवेश के लिए अभी सबसे अच्छा समय”, जानें बैंकॉक में और क्या बोले पीएम मोदी
3 मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में सुस्त रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार! आर्थिक संगठन OECD ने जताई यह संभावना