भारत में जब भी सुरक्षित निवेश की बात आती है तो पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिनी जाती हैं। इन योजनाओं में सरकार की गारंटी होती है, इसलिए जोखिम बेहद कम होता है।
फिलहाल सरकार पोस्ट ऑफिस के जरिए कुल 8 प्रमुख स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स चलाती है, जिनमें रिक्रूटिंग फंड (RD), सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), किसान विकास पत्र (KVP) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) आदि शामिल है। लेकिन निवेश करते समय सबसे जरूरी सवाल यह होता है कि किस स्कीम में इनकम टैक्स की छूट मिलती है और किसमें नहीं। आइए जानते हैं…
टैक्स बचाने वाली प्रमुख स्कीम्स
आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो टैक्सपेयर्स को अपनी कुल कमाई में से कटौती का लाभ देता है। इसके तहत आप एक साल में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट पा सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना काफी जरूरी है कि टैक्स छूट का यह फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है जो पुरानी टैक्स रिजीम को चुनते हैं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
भारत सरकार द्वारा समर्थित पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक लोकप्रिय दीर्घकालिक बचत योजना है। यह स्कीम की लॉक इन अवधि 15 वर्ष है। इसमें सालाना ₹500 से ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। यह स्कीम 7.1% सालाना (चक्रवृद्धि) ब्याज प्रदान करती है।
पीपीएफ में सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर 80C के तहत छूट मिलती है। इसमें मिलने वाला ब्याज 100% टैक्स-फ्री है साथ ही 15 साल बाद मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स-फ्री है।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD)
आप अगर 1, 2 या 3 वर्ष की FD (Time Deposit) कराते हैं, तो कोई टैक्स लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन आपको 5 साल वाली स्कीम पर 80C के तहत छूट मिलती है। एक ध्यान देने वाली बात ये है कि इसका हर वर्ष मिलने वाला ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगता है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
एनएसई पर 7.7% ब्याज मिलता है और इसका लॉक-इन पीरियड 5 वर्ष है। इसके शुरुआती 4 वर्षों के ब्याज को ‘पुनर्लगानी’ (Reinvested) माना जाता है, इसलिए उस पर भी हर वर्ष 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। सिर्फ पांचवें साल के ब्याज पर टैक्स देना होता है।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
सुकन्या समृद्धि योजना में 8.2% की सबसे ऊंची ब्याज दर मिलती है। इसमें भी PPF की तरह Triple Tax Benefit मिलता है। आप 15 वर्ष तक पैसे जमा करते हैं, लेकिन ब्याज 21 वर्ष तक जुड़ता रहता है। मैच्योरिटी पर मिलने वाला मोटा फंड पूरी तरह टैक्स-मुक्त होता है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
भारत सरकार द्वारा समर्थित सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) रिटायर्ड व्यक्तियों के लिए एक अत्यंत सुरक्षित और लोकप्रिय बचत योजना है। यह योजना खास तौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को नियमित आय प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इस योजना के अंतर्गत किया गया निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के लाभ के लिए पात्र है।
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अगर आप असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) में काम करते हैं और बुढ़ापे में पैसों की चिंता रहती है, तो सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना आपके लिए काफी मददगार हो सकती है। इस योजना में 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की तय पेंशन मिलती है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
