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शेयर बाजार में ‘भारी गिरावट’ की प्रधानमंत्री ने की समीक्षा

शेयर बाजार में आई भारी गिरावट से परेशान निवेशकों को शांत करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने..

Author August 25, 2015 9:15 AM
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीटीआई फोटो)

शेयर बाजार में आई भारी गिरावट से परेशान निवेशकों को शांत करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने और सार्वजनिक खर्च में तेजी लाने पर जोर दिया है।

प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री अरुण जेटली और शीर्ष अधिकारियों के साथ शेयर बाजार और रुपए में आई भारी गिरावट की समीक्षा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था स्थिर है और जो भी समस्या है, वह बाहरी कारणों से है। प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक और सेबी आदि नियामकों की वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ बाजार पर पैनी नजर है। फिलहाल किसी तरह के राहत पैकेज की जरूरत नहीं है।

जेटली ने कहा, प्रधानमंत्री की राय थी कि अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हमें और कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने जोड़ा कि रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा और निवेशकों को आकर्षित करने की पहल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के भागीदारों के साथ और बातचीत की जाएगी ताकि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए और उपाय किए जा सकें।

जेटली ने कहा, हम फिलहाल किसी तरह के पैकेज की पेशकश नहीं कर रहे, क्योंकि हमारी आंतरिक बुनियाद, मसलन औद्योगिक उत्पादन, पूंजी और सार्वजनिक खर्च सुधरा है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन में जो भी सामान्य सुधार हैं, वे जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक कारक अस्थायी हैं और सभी वैश्विक बाजार इससे प्रभावित हुए हैं।

जेटली ने कहा कि सरकार और नियामक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजदीकी नजर रखे हैं और हमारे सभी संकेतक मजबूत हैं। हमारी वृद्धि की रफ्तार कायम रहेगी। वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुधार एजंडा आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया और उम्मीद जताई कि भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य बना रहेगा।

सिन्हा ने साथ ही यह भी कहा कि बाजारों में कुछ समय तक उतार-चढ़ाव की स्थिति बने रहने की संभावना है। मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा कि व्यापक आधार पर वैश्विक बाजारों में बुनियादी आधार का पुन: आकलन हुआ है। जेटली ने कहा कि सेबी और रिजर्व बैंक की स्थिति पर निगाह है और कोई भी ऐसा घरेलू कारक नहीं है जो बाजार में गिरावट की वजह है। उन्होंने कहा, हमारे राजकोषीय घाटे के आंकड़े नियंत्रण में हैं। मुद्रास्फीति भी काफी हद तक काबू में है। हम अपने वृद्धि के अनुमान पर कायम हैं।

इस बीच, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे अर्थव्यवस्था के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ साबित हो रहे हैं। अर्थव्यवस्था और निर्यात नीचे आ रहे हंै जबकि दाम बढ़ रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता अजय कुमार ने याद दिलाया कि मोदी ने सेंसेक्स में बढ़ोतरी और पेट्रोल कीमतों में कमी पर कहा था कि वे ‘नसीब वाले’ हैं। कुमार ने यहां संवाददाताओँ से कहा कि अब वे बदकिस्मत हो गए हैं, सेंसेक्स 1,624 अंक टूट गया है। रुपए को भी तत्काल ‘इलाज’ की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक मोर्चे पर मोदी का रिपोर्ट कार्ड एक बड़ी विफलता का है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में उत्साह जैसी कोई चीज नहीं हो रही। पूंजीगत वस्तुआें का विनिर्माण घट रहा है, ग्रामीण उद्योग में सुस्ती है और विनिर्माण नीचे आया है।

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