ताज़ा खबर
 

पीएम मोदी के आर्थिक सुधार बीच में ही रुक गए, फ्रांसीसी इकोनॉमिस्ट ने कहा- भारत से दूरी बना रहे निवेशक

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि भारत और विदेशी निवेशक डरे हुए हैं और इस वजह से वह भारत में निवेश करने से पीछे हट रहे हैं। सोरमैन कई किताबों का लेखन कर चुके हैं।

फ्रांस के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गॉय सोरमैन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो: PTI

फ्रांस के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री गॉय सोरमैन ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सुधार बीच में ही रुक गए इस वजह से दुनियाभर के निवेशक भारत से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने नए उद्यमियों (Entrepreneurs) के समर्थन में कई ऐसे कदम उठाए लेकिन, राजनीतिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से यह सुधार अचानक रुक गए। इस वजह से अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहे हैं।

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि भारत और विदेशी निवेशक डरे हुए हैं और इस वजह से वह भारत में निवेश करने से पीछे हट रहे हैं। सोरमैन कई किताबों का लेखन कर चुके हैं। ‘इकोनॉमिक डज नॉट लाइ’ का लेखन कर चुके सोरमैन ने कहा कि वर्तमान में भारत में संरक्षणवाद का व्यापक असर है। मोदी ने शुरुआत में नए भारतीय उद्यमियों को बढ़ावा दिया और एक राष्ट्रीय बाजार का निर्माण किया। लाइसेंस राज को खत्म किया। उन्होंने भ्रष्टाचार पर प्रहार किया और मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया।’

उन्होंने कहा ‘इतना सबकुछ करने के बाद पीएम मोदी के आर्थिक सुधार बीच में ही रुक गए। वह अपने इकॉनामिक एजेंडा को भूल गए और राजनीतिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करने लगे। इससे भारत और भारत सरकार की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा।’ उन्होंने कहा मैं हिंदुत्व और नागरिकता कानूनों पर मोदी सरकार के फैसलों के अच्छे या बुरे कारणों के बारे में अनुमान नहीं लगा सकता। ऐसे मुश्किलों हालातों पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।

गॉय सोरमैन ने कहा ‘मैं वैश्विक स्लो डाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की तरफ सभी का ध्यान खींचना चाहता हूं। निवेशकों और संस्थाओं के बीच एक विश्वास की डोर होती है जिसकी मौजूदा समय में राष्ट्रीय स्तर पर कमी है। यह निश्चित ही निराशजनक है और इसमें बदलवा की जरूरत है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
ये पढ़ा क्या?
X