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पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की रकम को किसानों ने कैसे किया खर्च, जानें- स्टडी में क्या खुलासा

PM Kisan Yojana benefits to farmers: स्टडी के मुताबिक पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली सालाना 6,000 रुपये की रकम को किसानों ने फिजूलखर्ची में नहीं उड़ाया है बल्कि फसल, नई कृषि तकनीक को अपनाने और शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर खर्च किया है।

farmersजाने, पीएम किसान स्कीम की रकम को अन्नदाताओं ने कैसे किया खर्च

किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की रकम को अन्नदाताओं ने योजना के साथ खर्च किया है। पीएम किसान योजना के किसानों पर असर को लेकर की गई एक स्टडी में यह बात सामने आई है। स्टडी के मुताबिक पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली सालाना 6,000 रुपये की रकम को किसानों ने फिजूलखर्ची में नहीं उड़ाया है बल्कि फसल, नई कृषि तकनीक को अपनाने और शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर खर्च किया है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रिकल्चर रिसर्च और इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टिट्यूट के मुताबिक किसानों ने कैसे सरकार की ओर से जारी की गई रकम को खर्च किया, यह किस्तों को रिलीज करने की टाइमिंग पर भी निर्भर करता है।

देश के 8 करोड़ किसानों को अब तक जारी की गई पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की रकम के तहत खर्च को लेकर कोई शर्त नहीं लगाई गई है। हालांकि यह उम्मीद जरूर की जाती है कि किसान इस रकम को खेती से जुड़ी अपनी जरूरतों पर ही खर्च करेंगे। स्टडी के मुताबिक कृषि विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी किसानों ने रकम खर्च की है। उदाहरण के तौर पर किसानों को जब बुवाई के सीजन के दौरान पीएम किसान स्कीम की किस्त मिली तो उन्होंने अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की खरीद पर रकम को खर्च किया।

स्टडी के लेखकों में से एक प्रमोद कुमार जोशी ने कहा कि इससे साफ है कि पीएम किसान स्कीम की किस्तों को कृषि विज्ञान केंद्र की ट्रेनिंग से जोड़ा जाना चाहिए। शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी के लिए दो किस्तों की रकम के खर्च करने के पैटर्न पर अध्ययन किया। स्टडी के मुताबिक पहली किस्त को 52 पर्सेंट किसानों ने खेती से जुड़े कामों में खर्च किया। इसके अलावा 26 पर्सेंट ने उपभोग, 7 पर्सेंट ने शिक्षा और हेल्थ और 15 पर्सेंट किसानें ने त्योहार और शादियों पर इस रकम को खर्च किया।

स्टडी के मुताबिक 60 पर्सेंट किसानों ने पीएम किसान स्कीम को शिक्षा, स्वास्थ्य और उपभोग पर ही खर्च किया, जब किस्त गैर-कृषि सीजन में जारी हुई। लेकिन जब बुवाई से ठीक पहले योजना की किस्त जारी की गई तो बड़े पैमाने पर किसानों ने कृषि से जुड़े काम में ही इस रकम को खर्च किया। 1,406 किसानों पर की गई इस स्टडी में प्रमोद कुमार जोशी के अलावा दीपक वार्ष्णेय, देवेश रॉय और अंजनी कुमार भी शामिल थे। गौरतलब है कि हाल ही में अप्रैल में केंद्र सरकार की ओर से देश के 8 करोड़ से ज्यादा किसानों को 17,000 करोड़ रुपये की रकम पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत जारी की गई।

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