ताज़ा खबर
 

पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम न लागू करने पर खफा पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़, सीएम ममता बनर्जी को लिखा खत

धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम को न लागू करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि इस स्कीम को राज्य सरकार की ओर से लागू किया जाता तो सूबे के 70 लाख किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलता।

pm kisan schemeपश्चिम बंगाल के गवर्नर ने सीएम ममता बनर्जी को लिखा पत्र

अकसर मुख्यमंत्री और गवर्नर के बीच तनाव के चलते चर्चा में रहने वाले पश्चिम बंगाल में अब पीएम किसान सम्मान निधि के मुद्दे को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सीएम को खत लिखा है। धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम को न लागू करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि इस स्कीम को राज्य सरकार की ओर से लागू किया जाता तो सूबे के 70 लाख किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलता। राज्य सरकार के फैसले को किसानों के साथ ‘क्रूर मजाक’ बताते हुए गवर्नर ने कहा कि यह दुखद है कि स्कीम के तहत किसानों को केंद्र सरकार की मदद से वंचित रखा जा रहा है।

धनखड़ ने सीएम ममता बनर्जी को लिखी चिट्ठी में कहा, ‘प्रदेश के किसान पहले ही 8,200 करोड़ रुपये का नुकसान उठा चुके हैं। देश भर में किसानों को अब तक 12,000 रुपये मिल चुके हैं। लेकिन हमारे किसानों को उनका अधिकार राज्य सरकार ने अपने असंवेदनशील और विवादपूर्ण रवैये के चलते हासिल नहीं करने दिया।’ इससे पहले भी गवर्नर कई बार टीएमसी सरकार पर इस स्कीम को लागू न करने को लेकर निशाना साध चुके हैं।

गवर्नर ने इस स्कीम को लागू न करने को लेकर सवाल उठाते हुए अपने पत्र में लिखा, ‘यह मेरी समझ से परे है कि आखिर राज्य सरकार ने इस स्कीम को लागू क्यों नहीं किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे किसानों का नुकसान हो रहा है। यह एक तरह का क्रूर मजाक है और ऐतिहासिक अन्याय है। हमें यह समझना चाहिए कि गवर्नेंस लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए होती है।’ उन्होंने कहा कि देश भर में किसानों को अब तक इस स्कीम के तहत 92,000 करोड़ रुपये की रकम मिल चुकी है, लेकिन पश्चिम बंगाल के किसान वंचित हैं।

गौरतलब है कि वन नेशन वन राशन कार्ड से भी पश्चिम बंगाल अब तक नहीं जुड़ सका है। इस स्कीम से देश के 24 राज्य जुड़ चुके हैं। बता दें कि इसी साल फरवरी में पश्चिम बंगाल के खाद्य आपूर्ति मंत्री ने कहा था कि हम इस स्कीम से नहीं जुड़ेंगे क्योंकि राज्य में पहले ही राशन कार्डों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 गौतम अडानी के समधी हैं नामी वकील, जानें- क्या करती हैं बहू परिधि अडानी, 2013 में हुई थी शादी
2 ATM फ्रॉड से खाली न हो जाए आपका बैंक खाता, जमा पूंजी बचाने को कैश निकालने के दौरान अपनाएं ये टिप्स
3 IPL की स्पॉन्सरशिप से हटेंगी चीनी निवेश वाली पेटीएम, ड्रीम 11 जैसी कंपनियां? जानें- BCCI ने दिया क्या जवाब
ये पढ़ा क्या?
X