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पीएम किसान योजना में फ्रॉड रोकने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों को दिया यह आदेश, जानें- कैसे पकड़े जाएंगे धोखेबाज

सरकार की ओर से राज्यों को आदेश दिया है कि 5 पर्सेंट लाभार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए ताकि ऐसे लोगों की पहचान हो सके, जो बिना पात्रता के ही लाभ ले रहे हैं।

pm kisan samman nidhi yojanaपीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलता है सालाना 6 हजार।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में धांधली रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार की ओर से राज्यों को आदेश दिया है कि 5 पर्सेंट लाभार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए ताकि ऐसे लोगों की पहचान हो सके, जो बिना पात्रता के ही लाभ ले रहे हैं। यह वेरिफिकेशन रैंडमली होना है। तमिलनाडु, असम और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर अपात्र लाभार्थियों के लिस्ट में शामिल होने का मामला सामने आया है। तमिलनाडु में 5 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों के खाते में स्कीम की रकम ट्रांसफर हुई है, जो इसके पात्र ही नहीं थे। 110 करोड़ रुपये के इस घोटाले की अब सीबीसीआईडी जांच कर रही है और ट्रांसफर हुई रकम रिकवरी की जा रही है।

इसके अलावा असम में 9 लाख से ज्यादा अपात्र लाभार्थी पाए गए हैं। इस स्कीम के नियमों में पहले ही रैंडम सैंपलिंग के तहत वेरिफिकेशन की प्रक्रिया की बात शामिल है, लेकिन अब केंद्र सरकार ने धांधली को देखते हुए नए सिरे से फिजिकल वेरिफिकेशन की बात कही है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्यों को आदेश दिया है कि 5 फीसदी लाभार्थियों का वेरिफिकेशन कर यह पता लगाया जाए कि स्कीम की रकम सही लोगों तक जा रही है या नहीं।

बता दें कि इस स्कीम के तहत ऐसे लोग लाभ नहीं ले सकते, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य इनकम टैक्स अदा करता हो। इसके अलावा रिटायर्ड एवं मौजूदा सरकारी कर्मचारी भी इसके दायरे में नहीं आते। हालांकि ऐसे किसान इसके दायरे में हैं, जो चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी कर रहे हैं। यही नहीं 10,000 रुपये से ज्यादा की पेंशन पाने वाले लोग भी इस योजना में शामिल नहीं किए जा सकते। पीएम किसान योजना का लाभ ऐसे लोगों को भी नहीं मिल सकता, जो अपनी भूमि का इस्तेमाल खेती की बजाय किसी और चीज में कर रहे हों।

घर-घर जाकर होगी लाभार्थियों की जांच: कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि कैग की ओर से इस योजना का ऑडिट किया जा रहा है। हमने राज्यों से पेमेंट डिटेल देने को कहा है। उन्हें 5 फीसदी लाभार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन करने को भी कहा गया है कि ताकि पता लग सके कि कहीं पैसा गलत व्यक्ति के पास तो नहीं जा रहा है। राज्य सरकारें किसी भी लाभार्थी का चुनाव कर उसके घर जाकर तथ्यों की जांच कर सकती हैं।

9 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिली छठी किस्त: बता दें कि पीएम किसान योजना के तहत केंद्र सरकार साल भर में 2,000 रुपये की तीन किस्तों में किसानों को 6,000 रुपये की रकम देती है। फिलहाल अगस्त से नंवबर के दौरान इस स्कीम की छठी किस्त किसानों को ट्रांसफऱ की जा रही है। अब तक 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को छठी किस्त का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा दिसंबर से मार्च 2021 तक सातवीं किस्त ट्रांसफर की जाएगी। नरेंद्र मोदी सरकार ने दिसंबर, 2018 में इस स्कीम को लॉन्च किया था।

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