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पीएम शहरी आवास योजना के लिए 18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड जारी, मिलेंगे 78 लाख रोजगार

इसमें से 8,000 करोड़ रुपये की रकम पहले ही जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस रकम का इस्तेमाल 12 लाख घरोंकी नींव भरने और 18 लाख घरों का निर्माण पर किया जाएगा। इससे हाउसिंग सेक्टर में 78 लाख अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

nirmala sitharamanवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना के लिए 18,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी करने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की तीसरी किस्त जारी करते हुए यह ऐलान किया है। सीतारमण ने कहा कि बजट 2020-21 में घोषित की गई रकम के अलावा यह राशि पीएम आवास योजना पर खर्च की जाएगी। इसमें से 8,000 करोड़ रुपये की रकम पहले ही जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस रकम का इस्तेमाल 12 लाख घरोंकी नींव भरने और 18 लाख घरों का निर्माण पर किया जाएगा। इससे हाउसिंग सेक्टर में 78 लाख अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि इससे 25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त स्टील की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा सीमटें का उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल रियल एस्टेट सेक्टर मंदी के दौरान से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर को मजबूती देने के लिए रेरा के तहत घरों के रजिस्ट्रेशन और कंप्लीशन की डेट को बढ़ाया गया है। यही नहीं आवासीय रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ाने के लिए सरकार ने खरीददारों और डिवेलपर्स को इनकम टैक्स में छूट देने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री ने रियल एस्टेट सेक्टर को ग्रोथ देने के लिए डिवेलपर्स और होम बायर्स को 2 करोड़ रुपये तक के घर पर टैक्स छूट देने का भी ऐलान किया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है और कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आई है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनर्जी की खपत में बीते साल के मुकाबले 12 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। जीएसटी का कलेक्शन 1.05 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। इसके अलावा रेलवे की माल ढुलाई में भी बीते साल के मुकाबले 20 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत स्कीम का ऐलान किया है। इसके जरिए भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना चाहती है। बता दें कि अप्रैल से जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में 23.9 पर्सेंट की कमी देखने को मिली है। इसके अलावा सितंबर में समाप्त तिमाही में भी 8 फीसदी से भी ज्यादा गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

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