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बिगड़ी कच्चे तेल की धार, औंधे मुंह गिरा बाजार

वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच बंबई शेयर बाजार का सूचकांक मंगलवार को 855 अंक का गोता लगा गया। यूनान में राजनीतिक उठापटक और कच्चे तेल के दाम गिर कर 50 डालर प्रति बैरल के भी नीचे आने से दुनिया भर के पूंजी बाजारों में उथल पुथल के बीच स्थानीय शेयर बाजार भी लुढ़क गए। […]

Author January 7, 2015 10:48 AM
बुधवार, 07 जनवरी, 2015 | 10:47 | IST RSS | इसे अपना हा॓मप॓ज बनाएं Site Image Loading Image Loading Image Loading देश राज्य विदेश क्रिकेट अन्य खेल बिजनेस मना॓रंजन जीवन शैली गैलरी तरक्की विमर्श एजुकेशन शादी ई-पेपर ब्रेकिंग उत्तर प्रदेश: इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी।उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में डकैतों का तांडव, दो गांव में लूटमार, मुजहा और बरसोला गांव में आधी रात को टूटे नकाबपोश बदमाश, व्यापारी और किसान के परिवार को बंधक बनाकर की गई लूटपाट। कच्चे तेल में गिरावट से सेंसेक्स 855 अंक नीचे

वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच बंबई शेयर बाजार का सूचकांक मंगलवार को 855 अंक का गोता लगा गया। यूनान में राजनीतिक उठापटक और कच्चे तेल के दाम गिर कर 50 डालर प्रति बैरल के भी नीचे आने से दुनिया भर के पूंजी बाजारों में उथल पुथल के बीच स्थानीय शेयर बाजार भी लुढ़क गए।

बिकवाली के दबाव में नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 251 अंक या तीन फीसद नीचे आ गया। दोनों सूचकांक दो सप्ताह से ज्यादा समय के निम्न स्तर पर हैं। व्यापारियों के अनुसार घबराहट में चौतरफा बिकवाली से लगभग सभी क्षेत्र नुकसान में रहे। कुल मिलाकर बजार में निवेशकों की संपत्ति 3,000 अरब रुपए नीचे आ गई। पर्याप्त वैश्विक आपूर्ति तथा आर्थिक वृद्धि के कमजोर रहने को लेकर चिंता से पांच साल से अधिक समय में पहली बार अमेरिकी वायदा बाजार में कच्चे तेल के मानक अनुबंध का भाव 50 डालर बैरल के नीचे बोला गया।

तेल व गैस, रीयल्टी, धातु, पूंजीगत सामान, वाहन, उपभोक्ता टिकाऊ और बैंकिंग शेयरों ने गिरावट की अगुआई की।

बोनांजा पोर्टफोलियो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा- बाजार वैश्विक स्तर पर कमजोर रहा। यूनान के यूरो क्षेत्र से बाहर निकलने के कयास तथा तेल कीमतों में गिरावट से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई। तीस शेयरों वाला बीएसई गिरावट के साथ खुला और धीरे-धीरे लुढ़कता हुआ 27,000 अंक के नीचे आ गया और एक समय 26,937.06 अंक तक चला गया। हालांकि अंत में यह 854.86 अंक या 3.07 फीसद की गिरावट के साथ 26,987.46 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, छह जुलाई 2009 को सूचकांक 869.65 अंक लुढ़का था।

सूचकांक के 30 शेयरों में ओएनजीसी को सर्वाधिक नुकसान हुआ। इसमें करीब 6 फीसद की गिरावट आयी। कुल 30 शेयरों में से 29 में गिरावट दर्ज की गई। एकमात्र एचयूएल का शेयर लाभ में रहा। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 251.05 अंक या 3.00 फीसद लुढ़ककर 8,127.35 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट के साथ बाजार में यह अटकलें थी कि नेशनल स्टाक एक्सचेंज में उसके मानक सूचकांक निफ्टी पर आधारित वायदा अनुबंधों के कारोबार में ‘गलती से बिक्री या खरीद के बहुत ज्यादा या कम आर्डर’ का बटन दबने से ऐसा हुआ। हालांकि एनएसई अधिकारियों ने कहा कि उनके यहां कारोबार सामान्य था।

विश्लेषकों के अनुसार ऐसी आशंका है कि यूनान में इस महीने चुनाव से खर्च में कटौती की खिलाफत करने वाला विपक्षी दल सीरिजा सत्ता में आ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग से देश में जारी आर्थिक सुधार कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।

न्यूयार्क और यूरोपीय बाजारों में गिरावट से जापान के निक्की की अगुआई में एशियाई शेयर बाजार नुकसान में रहे। तेल कीमतों में गिरावट के बाद अमेरिकी बाजार वाल स्ट्रीट में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। उसके बाद मंगलवार को सुबह जापान, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया के बाजार नुकसान में रहे। शंघाई कंपोजिअ 0.03 फीसद ऊपर चढ़ा।

शाम को शुरुआती कारोबार में यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। घरेलू बाजार में जिन प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, उनमें ओएनजीसी (5.89 फीसद), सेसा स्टरलाइट (5.09 फीसद), टाटा स्टील(4.88 फीसद), एचडीएफसी (4.69 फीसद), रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.67 फीसद), भेल(4.45 फीसद) और टाटा मोटर्स (4.39 फीसद) शामिल हैं।

इसके अलावा, आइसीआइसीआइ बैंक(4.20 फीसद), एसबीआइ(4.05 फीसद), टाटा पावर(3.92 फीसद), टीसीएस(3.60 फीसद)और एक्सिस बैंक(3.54 फीसद)में भी गिरावट दर्ज की गई।

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