कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने अपने डेटाबेस को एकीकृत करने और सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड करने का काम पूरा कर लिया है।

हालांकि, नए सिस्टम पर माइग्रेशन के बाद शुरुआती दो हफ्तों तक क्लेम और दूसरी सर्विस रिक्वेस्ट को चरणबद्ध तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इस दौरान किसी भी तरह की गलती से बचने और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन और वैलिडेशन चेक किए जाएंगे। ऐसे में कुछ मामलों में प्रोसेसिंग में सामान्य से अधिक समय लग सकता है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, “माइग्रेशन के बाद सिस्टम को स्थिर करने की प्रक्रिया के तहत क्लेम और सर्विस रिक्वेस्ट को चरणबद्ध और नियंत्रित तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। साथ ही शुरुआती दो हफ्तों के दौरान सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन और वैलिडेशन चेक किए जाएंगे।”

क्यों लग सकता है ईपीएफ क्लेम प्रोसेसिंग में ज्यादा समय?

ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि उसने माइग्रेशन के बाद रिकॉर्ड की एक्यूरेसी पक्का करने के लिए एडिशनल वेरिफिकेशन और वैलिडेशन चेक शुरू किए हैं।
इस समय के दौरान, मेंबर्स और एम्प्लॉयर्स को ईपीएफ क्लेम और कुछ ऑनलाइन सर्विस की प्रोसेसिंग में देरी का सामना करना पड़ सकता है।

ईपीएफ ने यूज़र्स से कहा है कि वे पीक आवर्स में ऑनलाइन सर्विस को बार-बार एक्सेस करने या बार-बार रिक्वेस्ट सबमिट करने से बचें।

क्या उमंग ऐप पर उपलब्ध हैं ईपीएफओ सर्विस?

उमंग ऐप नोटिफिकेशन के अनुसार, “ईपीएफओ सर्विस अभी डिपार्टमेंट द्वारा किए जा रहे शेड्यूल्ड माइग्रेशन एक्टिविटीज की वजह से उपलब्ध नहीं हैं और जल्द ही फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, ईपीएफओ ​​मेंबर पोर्टल अब चालू है। मेंबर्स ईपीएफओ ​​मेंबर पोर्टल के जरिए ईपीएफओ ​​सर्विस का फायदा उठा सकते हैं।”

EPFO ने किया यूनिफाइड मेंबर पोर्टल को अपग्रेड

EPFO का यूनिफाइड मेंबर पोर्टल एक नए डिजाइन वाले इंटरफेस और कई बदलावों के साथ वापस ऑनलाइन आ गया है, जो प्लान किए गए सिस्टम अपग्रेड की वजह से लगभग एक हफ़्ते तक उपलब्ध नहीं था।

सबसे जरूरी बदलावों में से एक यह है कि पोर्टल अब UAN एक्टिवेशन और डायरेक्ट UAN एलोकेशन के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके बजाय, इन सर्विस को उमंग ऐप पर रिलोकेट कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें: HDFC Bank के होम लोन ग्राहकों पर बढ़ सकता है बोझ

प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक एचडीएफसी ने लोन ग्राहकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने अलग-अलग अवधि की ब्याज दरों में फेरबदल किया है, जिसका असर होम लोन समेत MCLR से जुड़े दूसरे लोन की EMI पर पड़ सकता है। खास तौर पर कुछ अवधि के लिए दरें बढ़ने से कर्जदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) की नई दरें जारी कर दी हैं, ये नई दरें 7 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। बैंक ने जहां कुछ अवधि की दरों में कटौती की है, वहीं कुछ टेन्योर के लिए ब्याज दरें बढ़ाई हैं। आइए जानते हैं…