किराए का घर लेने से पहले अधिकतर लोग घर की लोकेशन और सुविधाएं देखकर ही फैसला कर लेते हैं। लेकिन एक छोटी-सी गलती बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए रेंट एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले उसकी हर शर्त को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।

कई बार लोग बिना पढ़े दस्तावेज पर साइन कर देते हैं, जिसके कारण बाद में सिक्योरिटी डिपॉजिट, घर खाली करने या मरम्मत के खर्च जैसे मामलों में विवाद हो जाता है।

अगर आप भी नया घर किराए पर लेने जा रहे हैं, तो जल्दबाजी बिल्कुल न करें। रेंट एग्रीमेंट की कुछ अहम शर्तों पर पहले ही ध्यान देने से आप भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं। आइए जानते हैं वे 3 जरूरी शर्तें, जिन्हें हर किराएदार को एग्रीमेंट साइन करने से पहले जरूर जांच लेना चाहिए….

  1. सिक्योरिटी डिपॉजिट: रेंट एग्रीमेंट में सबसे पहले सिक्योरिटी डिपॉजिट की शर्त जरूर देखें। यह वह रकम होती है, जो किराएदार मकान मालिक को पहले से जमा करता है। आमतौर पर यह 1 से 3 महीने के किराए के बराबर होती है। एग्रीमेंट में यह साफ लिखा होना चाहिए कि डिपॉजिट कितनी राशि है, किन परिस्थितियों में इसमें कटौती हो सकती है।
  2. मेंटेनेंस और दूसरे खर्च: रेंट एग्रीमेंट में यह भी साफ होना चाहिए कि सोसाइटी मेंटेनेंस का खर्च कौन देगा। इसके अलावा बिजली, पानी, गैस और अन्य बिल किसके जिम्मे होंगे, यह भी पहले से तय होना चाहिए। अगर घर में कोई मरम्मत की जरूरत पड़ती है, तो उसका खर्च मकान मालिक उठाएगा या किराएदार, यह भी एग्रीमेंट में लिखा होना चाहिए।
  3. नोटिस पीरियड: घर खाली करने से पहले कितने दिन पहले सूचना देनी होगी, इसे नोटिस पीरियड कहा जाता है। ज्यादातर मामलों में यह 1 से 2 महीने का होता है। अगर आप बिना तय समय के घर छोड़ देते हैं, तो मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट का कुछ हिस्सा काट सकता है या पूरा पैसा लौटाने में परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए रेंट एग्रीमेंट में नोटिस पीरियड की शर्त को अच्छी तरह पढ़कर ही साइन करना चाहिए।

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