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येस बैंक में सालों से चल रहा था बड़ा घोटाला- पूर्व एमडी ने बताए कई राज, राणा कपूर ने आपत्तियों को खारिज कर बांटे थे लोन

Yes Bank Scam Chargesheet: चार्जशीट में बैंक के कई अन्य पूर्व अधिकारियों के बयानों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर पर आरोप लगाया कि उन्होंने रिस्क टीम की सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए लोन बांटे थे।

yes bank caseईडी ने यस बैंक केस में दाखिल की चार्जशीट

येस बैंक के घोटाले को लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ रवनीत गिल ने प्रवर्तन निदेशालय से पूछताछ में बताया कि सालों तक ऐसे कई कॉरपोरेट समूहों को कर्ज बांटे गए, जो पहले से संकट के दौर से गुजर रहे थे और कैश की कमी थी। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने अपनी रिपोर्ट में रवनीत गिल के हवाले से यह लिखा है कि बैंक ने कई कॉरपोरेट घरानों को नियमों को ताक पर रखते हुए लोन बांटे थे। ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि निजी बैंक ने 31 मार्च, 2019 को एक क्रेडिट वॉच लिस्ट जारी की थी, जिसमें कई बड़े कॉरपोरेट घरानों को शामिल किया गया था, जैसे रिलायंस ग्रुप, एस्सल ग्रुप, कॉक्स ऐंड किंग्स, दीवान हाउसिंग फाइनेंस, ओमकार ग्रुप और रेडियस डिवेलपर।

चार्जशीट में बैंक के कई अन्य पूर्व अधिकारियों के बयानों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर पर आरोप लगाया कि उन्होंने रिस्क टीम की सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए लोन बांटे थे। डीएचएफएल के मालिकाना हक वाली रियल्टी कंपनियों RKW डिवेलपर्स और बिलीफ रियल्टर को लोन देने के लिए राणा कपूर ने सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया था।

आपत्तियों को खारिज कर बांटे गए लोन:ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट में एक अधिकारी का उल्लेख करते हुए कहा गया है, ‘RKW डिवेलपर्स और बिलीफ रियल्टर के खातों को नवंबर, 2019 में रेड अकाउंट का दर्जा दे दिया गया था क्योंकि उन्हें जिस मकसद से लोन दिया गया था, उन्होंने उसमें उस राशि का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बाद भी बैंक ने 1,700 करोड़ रुपये का लोन जारी किया था और उसी दिन 750 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए। हालांकि रिजर्व बैंक की ओर से अकाउंट का स्पेशल ऑडिट शुरू किए जाने के बाद 950 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पेमेंट को रोक दिया गया था।

चार्जशीट में राणा कपूर की पत्नी को भी बताया गया दोषी: इस केस में राणा कपूर की पत्नी बिंदु पर आरोप है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि इन कंपनियों जारी किया गए लोन की राशि को कहां खर्च किया गया था। ईडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘वह अपने पति की ओर से बैंक के साथ की गई धोखाधड़ी में शामिल थीं। उन्होंने कंपनियों के खातों का इस्तेमाल करते हुए रकम को अन्य 100 से ज्यादा छोटी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया। बिंदु ने एक तरह से इस पूरे अपराध की साजिश रची और एक तरह से मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थीं।’ ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत गठित स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।

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