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भारत पूरी तरह से जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को नहीं रोक सकता: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने 2022 सौर ऊर्जा लक्ष्य को पांच गुना बढ़ाकर 1,00,000 मेगावाट कर दिया है।

Author नई दिल्ली | October 6, 2016 5:03 PM
केंद्रीय ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार), कोयला (स्वतंत्र प्रभार), नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री पीयूष गोयल (PTI File Photo)

बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अपने ऊर्जा उपयोग के मामले में जीवाश्म ईंधन के उपयोग पर पूरी तरह रोक नहीं लगा सकता क्योंकि निकट भविष्य में उसकी विकास संबंधी कई अनिवार्यताएं हैं। उनका विचार है कि परंपरागत और अक्षय ऊर्जा स्रोतों के साथ तेजी से हो रहे सामाजिक विकास एवं पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन साधना महत्वपूर्ण है। बिजली मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गोयल ने यह बात ‘एनर्जी कनक्लेव, 2016-सिक्योरिंग इंडियाज ग्रीन फ्यूचर’ में कही। उन्होंने रेखांकित किया कि यथाशीघ्र ‘एक देश, एक ग्रिड, एक कीमत’ का लक्ष्य हासिल करना और मजबूत पारेषण ग्रिड नेटवर्क सृजित करना महत्वपूर्ण है जहां पूरे देश में आम लोगों को सस्ती दर पर अबाध बिजली की उपलब्धता एक कीमत पर हो।

गोयल ने कहा कि सरकार ने 2022 सौर ऊर्जा लक्ष्य को पांच गुना बढ़ाकर 1,00,000 मेगावाट कर दिया है। महज 18 महीने में सौर ऊर्जा की कीमत 40 प्रतिशत नीचे आ गई है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा के अन्य स्रोतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस साल हम पनबिजली और पवन ऊर्जा पर ध्यान दे रहे हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय गैस आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत हो रही है। कोयला क्षेत्र में की जा रही पहल के बारे में उन्होंने कहा कि स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी, कोयला से गैस निकालने तथा कोल बेड मिथेन प्रौद्योगिकी जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के विकास के लिये मंत्रालय आईआईटी तथा शोध संस्थानों के साथ गठजोड़ कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय ने पुराने तापीय बिजली संयंत्रों के मरम्मत और रखरखाव को रोक दिया है और सुपर क्रिटिकल बिजली संयंत्रों के निर्माण पर ध्यान दे रहा है।

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