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पूरे देशभर में आज से हर रोज पेट्रोल की कीमतों में होगा बदलाव!

कई सारे विकसित देशों में रोजाना के आधार पर तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा करती हैं, इसे डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग कहा जाता है।

Author नई दिल्ली। | June 16, 2017 09:30 am
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 85 फीसदी की गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल तीन साल के अधिकतम दर पर बिक रहा है। (फाइल)

भारतीय तेल कंपनिया देशभर में 16 जून से रोजाना के आधार पर पेट्रोल कीमतों की समीक्षा करेंगी। टीवी चैनल ईटी नाऊ ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अज्ञात सूत्रों के हवाले से बुधवार को इस बात की जानकारी दी। चैनल के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 5 शहरों से शुरू की गई है प्रतिदिन समीक्षा को अब पूरे देश भर में लागू करने की योजना है। देश भर में डीजल की कीमतों की समीक्षा प्रतिदिन के आधार पर होने की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में भारत की तीन तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कोरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान कोरपोरेशन 15 दिन में तेल कीमतों की समीक्षा करते हैं। इसके आधार पर तेल की कीमतें तय की जाती है।

मई की शुरुआत में तीनों कंपनियों ने पुडुचेरी, दक्षिण भारत के विज़ाग, पश्चिम भारत में उदयपुर, पूर्वी भारत में जमशेदपुर तथा उत्तरी भारत में चंडीगढ़ में रोजाना के आधार पर तेल कीमतों का निर्धारण करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। तेल कंपनियों की ओर से यह प्रोजेक्ट पूरे देश में लागू करने से पहले केवल 5 शहरों में इसलिए शुरू की गई थी ताकि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव में खुद को ढाला जा सके। फ्यूल रिटेल मार्केट में इन तीन कंपनियां का कुल मिलाकर 90 प्रतिशत से ज्यादा आउटलेट्स पर कब्जा है। इस लिहाज से यह कंपनियां व्यावहारिक रूप से ईंधन मूल्य निर्धारण में मानदंड स्थापित करती हैं। उम्मीद है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और एस्सार ऑयल भी इन्हीं का अनुसरण करेंगी।

कई सारे विकसित देशों में रोजाना के आधार पर तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा करती हैं, इसे डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग कहा जाता है। प्रतिदिन के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करती है और इसे लिए कीमतों का समायोजन करने के लिए 14 दिन के सर्किल का इंतजार नहीं करना पड़ता है। इस कदम से तेल कंपनियां रिटेल प्राइस को कच्चे तेल की कीमतों के आसपास रख सकेंगी और अपना नुकसान कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में खुदरा मूल्य समायोजन के 14 दिन के सर्किल मुद्रा की कीमतों में उतार-चढ़ाव झेलने में कमजोर है। इस कदम से कंपनियों को मार्जिन के बारे में सटीक जानकारी मिलने में भी सहायता मिलेगी।

 

 

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