X

महाराष्‍ट्र में पेट्रोल 90 रुपये के पार, बीजेपी बोली- क्षणिक परेशानी

महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल के दाम मंगलवार को 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गए। इस दौरान पेट्रोल की कीमत 90.11 रुपये रही, जो देश में सर्वाधिक है।

महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल के दाम मंगलवार को 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गए। इस दौरान पेट्रोल की कीमत 90.11 रुपये रही, जो देश में सर्वाधिक है। परभणी जिला पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (पीडीपीडीए) के अध्यक्ष संजय देशमुख ने आईएएनएस को बताया कि मंगलवार को डीजल की कीमत भी 77.92 से बढ़कर 78.06 पर पहुंच गई।
मराठवाड़ा क्षेत्र में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 89.97 रुपये और डीजल की कीमत 77.92 रुपये थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार 15वें दिन बढ़ोतरी जारी है। मंगलवार को पेट्रोल की कीमत में 0.14 रुपये का इजाफा हुआ जबकि डीजल में 0.15 रुपये का इजाफा हुआ।  ईंधन की सर्वाधिक कीमत वाले अन्य क्षेत्रों में नांदेड़ है, जहां पेट्रोल 89.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 77.90 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, अमरावती में पेट्रोल 89.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 78.84 रुपये प्रति लीटर है।

महाराष्ट्र के ठाणे में पेट्रोल की खुदरा कीमतें 88.43 रुपये और डीजल 77.64 रुपये और मुंबई में 88.35 रुपये और डीजल 77.56 रुपये हैं। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि ‘क्षणिक परेशानी’ है, जो अंतर्राष्ट्रीय संकट के कारण उत्पन्न हुई है। बीते ही दिन पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता को राहत पहुंचाने के प्रयास में आंध्र प्रदेश सरकार ने सोमवार को राज्य में पेट्रोल और डीजल पर वैट (मूल्य वर्धित कर) में दो रुपये प्रति लीटर की कमी करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विधानसभा में घोषणा की कि यह निर्णय मंगलवार से लागू होगा। आंध्र प्रदेश पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट वसूलने वाले राज्यों में तीसरे नंबर पर है और डीजल पर सर्वाधिक वैट वसूलने में पहले नंबर पर है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल पर 35.77 फीसदी और डीजल पर 28.08 फीसदी वैट वसूला जाता है।

पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट महाराष्ट्र में वसूला जाता है। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है। नायडू ने वैट कम करने की घोषणा उसी दिन की, जब कांग्रेस और वामपंथी दल ईधन कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। नायडू ने कहा कि वैट में कमी से राज्य को सालाना 1120 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

Outbrain
Show comments