Petrol-Diesel Price Today in India: देश के बड़े शहरों में 11 मार्च (बुधवार) को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ है। यह जानकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट डेली रिवीजन डेटा से मिली है। बता दें कि भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को हर दिन सुबह 6 बजे रिव्यू किया जाता है। यह रिवीजन सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा किया जाता है।

इनमें प्रमुख रूप से Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर ईंधन की कीमतें तय की जाती हैं।

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भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें:

दिल्ली
पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर
डीज़ल: ₹87.67 प्रति लीटर

मुंबई
पेट्रोल: ₹103.50 प्रति लीटर
डीज़ल: ₹90.03 प्रति लीटर

बेंगलुरु
पेट्रोल: ₹102.92 प्रति लीटर
डीज़ल: ₹90.99 प्रति लीटर

कोलकाता
पेट्रोल: 105.41 रुपये प्रति लीटर
डीजल: 92.02 रुपये प्रति लीटर

भारत और पड़ोसी देशों के बीच ऊर्जा व्यापार भी चर्चा में बना हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति India‑Bangladesh Friendship Pipeline के तहत जारी रखे हुए है। ढाका ने हाल ही में Numaligarh Refinery (असम) से अतिरिक्त 5,000 टन डीज़ल की मांग की है। हालांकि इस अनुरोध पर अंतिम फैसला ईंधन की उपलब्धता और मौजूदा बाज़ार स्थितियों पर निर्भर करेगा।

क्रूड ऑयल के दाम
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई। यह गिरावट अतिरिक्त तेल सप्लाई की उम्मीद के चलते आई। समाचार एजेंसी Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Brent क्रूड फ्यूचर्स 87.57 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहे थे जबकि US West Texas Intermediate (WTI) 0.44 प्रतिशत गिरकर 83.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

यह गिरावट उस रिपोर्ट के बाद आई जिसमें International Energy Agency (IEA) के बारे में The Wall Street Journal ने बताया कि एजेंसी अपने इतिहास में आपातकालीन तेल भंडार का सबसे बड़ा रिलीज़ कर सकती है ताकि भू-राजनीतिक तनाव के कारण पहले बढ़ी हुई तेल कीमतों को कम किया जा सके।

कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आई गिरावट?

इस सप्ताह की शुरुआत में तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। Reuters के अनुसार, कच्चे तेल के बेंचमार्क में मार्च 2022 के बाद से एक ही दिन में सबसे बड़ी प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन टिप्पणियों के बाद आई जिनमें उन्होंने पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े संघर्ष में संभावित तनाव कम होने की बात कही थी।

Brent crude 11% से अधिक गिरकर लगभग $87.80 प्रति बैरल पर बंद हुआ। WTI crude लगभग 11.9% गिरकर $83.45 प्रति बैरल के आसपास आ गया। बाजार की धारणा में सुधार तब आया जब रिपोर्टों में बताया गया कि चल रहे संघर्ष के बावजूद Strait of Hormuz के जरिए तेल की आपूर्ति जारी रही।

पश्चिम एशिया में तनाव और ग्बोल ऑयल मार्केट

हालिया कीमतों में गिरावट के बावजूद ईरान के साथ इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजारों में अनिश्चितता बनाए रखी है।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि Strait of Hormuz- जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, उसमें शिपिंग मार्ग बाधित होते हैं तो इससे कच्चे तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। Reuters के अनुसार, उद्योग के अनुमानों से पता चलता है कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग 19 लाख बैरल प्रतिदिन की रिफाइनिंग क्षमता पहले ही इस संघर्ष से प्रभावित हो चुकी है।

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने भी चेतावनी दी है कि अगर व्यवधान जारी रहे तो इससे वैश्विक तेल बाजारों पर “विनाशकारी प्रभाव” पड़ सकता है।