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क्रूड ऑयल 18 साल के निचले स्तर पर, फिर भी देश में सस्ता नहीं पेट्रोल और डीजल, जानें- क्या है तेल का खेल

वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 18 साल के निचले स्तर पर है, लेकिन भारत में अब भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें कमोबेश पुराने लेवल पर ही बनी हुई हैं। दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का भारतीय उपभोक्ताओं को कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा है।

petrol diesel ratesदुनिया में क्रूड सस्ता, फिर भी भारत में नहीं घट रहे पेट्रोल और डीजल के रेट

वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 18 साल के निचले स्तर पर है, लेकिन भारत में अब भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें कमोबेश पुराने लेवल पर ही बनी हुई हैं। दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का भारतीय उपभोक्ताओं को कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत वैश्विक बाजार में 23 डॉलर प्रति बैरल के लेवस पर आ गई है, जो नवंबर 2002 के बाद सबसे निचला स्तर है। यही नहीं मांग में बड़ी गिरावट के चलते अमेरिकी क्रूड ऑयल तो 20 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है।

हालांकि भारतीय बाजार की बात की जाए तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें बीते 15 दिनों से जस की तस हैं। इससे पहले 16 मार्च को दामों में परिवर्तन हुआ था, उसके बाद से तेल कंपनियां एक्साइज ड्यूटी में हुए 3 रुपये प्रति लीटर के इजाफे को ही एडजस्ट करने के काम में लगी हुई हैं। बता दें कि इस इजाफे से सीधे सरकार को कमाई हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर कमाई के जरिए कोरोना से निपटने के लिए जरूरी फंड को तैयार करने के लिए रकम जुटा रही है।

सरकार को 39,000 करोड़ कमाई का अनुमान: दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत 62.29 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। एक्साइज ड्यूटी में 3 रुपये प्रति लीटर के इजाफे से सरकार को 39,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई का अनुमान है। इससे तेल कंपनियों की कमाई पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसकी बजाय वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटी कीमतों को अपने घाटे को चुकाने में लगा रही हैं।

पेट्रोल-डीजल पर और बढ़ सकते हैं 8 रुपये: एक्साइज ड्यूटी में 3 रुपये प्रति लीटर के इजाफे के बाद सरकार ने संसद से कानून में संशोधन कराकर पेट्रोल और डीजल में 8 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का अधिकार प्राप्त कर लिया है। 14 मार्च को टैक्स में हुए इजाफे के बाद से देश में पेट्रोल पर कुल 22.98 रुपये की एक्साइज ड्यूटी लग रही है, जबकि डीजल पर 18.83 रुपये एक्साइज ड्यूटी सरकार वसूलती है।

दो साल में बढ़ा 9 बार टैक्स: मोदी सरकार ने 2014 में जब सत्ता संभाली थी, तब पेट्रोल पर प्रति लीटर 9.48 रुपये टैक्स था और डीजल पर महज 3.56 रुपये प्रति लीटर टैक्स लिया जा रहा था। लेकिन बीते 6 सालों में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। 2014 से 2016 के दौरान ही बीजेपी सरकार ने 9 बार टैक्स में इजाफा किया ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम हुई कीमतों का फायदा उठाते हुए अपने खजाने को भरा जा सके।

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