आपके बच्‍चे भी कर सकते हैं म्‍यू‍चुअल फंड में निवेश, जानिए किन डॉक्‍युमेंट्स की होती है जरुरत

18 साल से कम उम्र के बच्चे या नाबालिग अपने माता-पिता या पेरेंट्स की मदद से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि निवेश बच्चे के नाम पर किया जाएगा, लेकिन इसका प्रतिनिधित्व माता-पिता या अभिभावक द्वारा होगा।

Minor Mutual Fund
Minor के नाम पर पेेरेंट्स म्‍यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अडल्‍ट में चेंज कराया जा सकता है। (Photo By Financial Express)

बच्चों में बचत, आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने और सोच-समझकर खर्च करने की आदत शुरू से ही डालना काफी जरूरी है। रुपयों को लेकर बच्‍चों से बात करना उतना ही जरूरी है, जितना हेल्‍दी फूड के बारे में बताना। अगर बच्‍चों में रुपयों के प्रबंधन की समझ शुरू से पैदा कर दी जाए तो भविष्‍य में उन्‍हें किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। ऐसे में बच्‍चों में निवेश की समझ भी बचपन से डालने की काफी जरुरत है। अगर बच्‍चों इस बारे में स्‍वाभाविक रूप से बात की जाए तो बेहतर है। ताकि उनमें धीरे-धीरे दिलचस्‍ती बढ़ सके। बच्‍चों में निवेश को लेकर जागरुकता के साथ साथ दि‍लचस्‍पी बढ़ाने का सबसे बेहतर उपाय है म्‍यूचुअल फंड। आइए आपको भी बताते हैं कि आख‍िर बच्‍चे भी म्‍यूचुअल फंड में किस तरह से निवेश कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले बच्चे
आउटलुक मनी से बात करते हुए मास्‍टर कैपि‍टल सर्विसेज की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट पलका चोपड़ा बताती हैं कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे या नाबालिग अपने माता-पिता या पेरेंट्स की मदद से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि निवेश बच्चे के नाम पर किया जाएगा, लेकिन इसका प्रतिनिधित्व माता-पिता या अभिभावक द्वारा होगा। जिन्हें ट्रांजेक्‍शन पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होगी। हालांकि, यह बच्चे के स्वामित्व अधिकारों को हनन नहीं करेगा।

इस प्रक्रिया का पालन तब तक करना होता है जब तक कि बच्चा 18 साल का नहीं हो जाता और उसके बाद उसके खाते के स्‍टेटस एक वयस्क में बदलना पड़ता है। हालांकि, स्‍टेटस अपने आप नहीं बदलता है। उसके लिए आधिकारिक फंड हाउस को संचार माध्‍यम से इस बारे में जानकारी देनी होती है। साथ ही, जब तक खाता अवयस्क की श्रेणी में नहीं आता है, तब तक लाभांश की प्राप्ति या रिडेंप्‍शप से उत्पन्न होने वाले किसी भी टैक्‍स का भुगतान माता-पिता या अभिभावक को करना होगा। नाबालिगों के नाम पर सभी लाभांश या आय को टैक्‍सेशप पर्पस के लिए माता-पिता या नामित अभिभावकों की आय के साथ जोड़ा जाएगा। जबकि बच्चा फंड का मालिक है, उसके पास कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं है।

किन म्युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में कर सकते हैं निवेश
पलका चोपड़ा के अनुसार म्यूच्यूअल फंड में निवेश के लिए जिस प्रकार सही योजना की तलाश की की जाती है, उसी प्रकार बच्चों की ओर से निवेश की प्रक्रिया भी होती है। दिलचस्प बात यह है कि नाबालिग वयस्कों के लिए उपलब्ध किसी भी म्यूचुअल फंड योजना में निवेश कर सकता है। साथ ही, कुछ योजनाएं विशेष रूप से बच्चों के लिए डिज़ाइन की गई हैं जिन्हें आमतौर पर “हाइब्रिड” या ‘चाइल्ड केयर प्लान’ या ‘चिल्ड्रन गिफ्ट फंड’ के रूप में कैटेगराइज किया जाता है।

इन योजनाओं को आमतौर पर इक्विटी शेयरों में 60 प्रतिशत -70 प्रतिशत के महत्वपूर्ण जोखिम के साथ निश्चित आय प्रतिभूतियों और इक्विटी के मिश्रण के रूप में संरचित किया जाता है। आमतौर पर, जब कोई अपने बच्चे की ओर से निवेश कर रहा होता है, तो उसे तत्काल धन की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि कोई डेट सिक्‍योरिटीज और इक्विटी का एक हाइब्रिड पोर्टफोलियो चुन सकता है, एक अच्छी गुणवत्ता वाली शुद्ध इक्विटी योजना चुनना बेहतर है।

किन डॉक्‍युमेंट्स की होती है आवश्‍यकता
नाबालिग का म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने के लिए दो महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। सबसे पहले, एक दस्तावेज जो बच्चे और अभिभावक के बीच संबंध स्थापित करता है, अनिवार्य है। यदि अभिभावक माता-पिता हैं, तो जन्म प्रमाण पत्र या माता-पिता के नाम का उल्लेख करने वाला कोई ऐसा दस्तावेज पर्याप्त है। किसी और के मामले में कोर्ट के आदेश की कॉपी जरूरी है।

दूसरे, नाबालिग का जन्म प्रमाण पत्र या उनकी उम्र का प्रमाण आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, नाबालिग के माता-पिता या अभिभावक को नियमों के अनुसार केवाईसी-अनुपालन करना होगा। एक बार नाबालिग के वयस्क हो जाने पर उसके नाम पर पूरी केवाईसी प्रक्रिया चलानी होगी। ऐसे मामलों में जहां किसी को अभिभावक को बदलने की आवश्यकता होती है, नए अभिभावक की नियुक्ति के अदालत के आदेश के अलावा वर्तमान अभिभावक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की आवश्यकता होगी।

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