इन किसानों को भी मिलेगा Kisan Credit Card, केंद्र ने लॉन्च किया अभियान; जानें- कैसे करते हैं आवेदन और कौन होता है पात्र

Kisan Credit Card बनवाने के लिए आवेदकों को तीन-चार हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे। जिसमें प्रोसेसिंग फीस, इंस्पेक्शन और लेजर फोलियो चार्ज होता था। लेकिन सरकार ने अब इस प्रोसेस को खत्म कर दिया है।

Kisan Credit Card, Government, Farmer
केसीसी में पशुपालन और मछलीपालन करने वालों को फिलहाल 2 लाख रुपये तक का ही लोन मिलेगा।

केंद्र सरकार ने देश में सभी पात्र पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्यपालन करने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रदान करने के लिए सोमवार को एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। इसके जरिये अगले तीन महीनों में लगभग दो करोड़ लोगों को नामांकित करने का लक्ष्य है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने 15 नवंबर, 2021 से 15 फरवरी, 2022 तक ‘राष्ट्रव्यापी एएचडीएफ केसीसी अभियान’ शुरू किया। जिसके तहत उन सभी पात्र किसानों को शामिल करना है, जो विभिन्न पशुपालन गतिविधियों में शामिल हैं जैसे गोवंश पालन, बकरी, सुअर, मुर्गी पालन। इसी तरह मछली पालन करने वालों को भी क्रेडिट सुविधा दी जाएगी।

सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में पशुपालकों और मछुआरों के लिए केसीसी सुविधा के विस्तार की घोषणा की थी। ताकि उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद की जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूपाला ने कहा कि अभियान का उद्देश्य देश के सभी पात्र पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन करने वाले किसानों को केसीसी प्रदान करना है और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें संस्थागत ऋण मिले।

पशुपालन और मछलीपालन के लिए कितना मिलेगा लोन? इससे पहले केसीसी का फायदा केवल किसानों को ही मिलता था। लेकिन बाद में जानकारों को महसूस हुआ कि, केसीसी का फायदा खेती करने वाले किसानों के अलावा इसी तरह के दूसरे पेशें में काम करने वाले लोगों को भी मिलता चाहिए। जिसके बाद सरकार ने केसीसी का फायदा मत्स्यपालन और पशुपालन का काम करने वाले लोगों को भी देने का किया। आपको बता दें केसीसी में खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से 3 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। जबकि पशुपालन और मत्स्यपालन के लिए इसमें 2 लाख रुपये तक का ही लोन दिया जाता है।

केसीसी के लिए नहीं देनी होगी अब कोई फीस – पहले की बात करें तो केसीसी बनवाने के लिए आवेदकों को तीन-चार हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे। जिसमें प्रोसेसिंग फीस, इंस्पेक्शन और लेजर फोलियो चार्ज होता था। लेकिन सरकार ने अब इस प्रोसेस को खत्म कर दिया है। जिसका फायदा 3 लाख रुपये तक की लिमिट वाले कार्ड होल्डर को मिलेगा। वहीं इस पहल का सीधा फायदा पशुपालन और मछलीपालन करने वाले लोगों को भी मिलेगा। क्योंकि सरकार द्वारा अभी इन्हें केवल 2 लाख रुपये तक का ही लोन देने की मंजूरी मिली है।

यह भी पढ़ें: 7th Pay Commission: इन कर्मियों को नए साल पर मिल सकता है तोहफा, वेतन वृद्धि के साथ हो सकते हैं ये ऐलान

सरकार ने रखा 16.5 लाख करोड़ का लोन देने का लक्ष्य – केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में 16.5 लाख करोड़ रुपये का कृषि लोन बांटने का लक्ष्य रखा है। इसमें से किसानों को 14 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जा चुका है। केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 के अंतिम दिन पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के लाभार्थियों सहित सभी किसानों तक केसीसी पहुंचाने के लिए एक अभियान शुरू किया था। जिसके तहत 2.51 करोड़ से अधिक केसीसी जारी किए जा चुके हैं।

पढें Personal Finance समाचार (Personalfinance News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट