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वैक्‍सीनेशन ना कराने और फुल मेडिकल चेकअप रिपोर्ट ना देने वालों को नहीं मिलेगा टर्म इंश्‍योरेंस, कंपनियों ने बनाए सख्‍त नियम

कोविड 19 की दूसरी लहर के दौरान ज्‍यादा मौतें होने के कारण इंश्‍योरेंस कंपनियों की ओर से रिस्‍क मैनेज्‍मेंट को थोड़े सख्‍त कर दिए हैं। अब टर्म इंश्‍योरेंस लेना इतना आसान नहीं होगा।

टर्म इंश्‍योरेंस लेने पहले आपको कोविड वैक्‍सीन लगवाना अनिवार्य हो गया है। कंपनियों ने कुछ इसी तरह के नए नियम तैयार किए हैं। ( Express Photo by Amit Chakravarty )

नई दिल्‍ली। कोरोना की सेकंड वेव काफी खतरनाक साबित हुआ है। इस दौरान काफी मौतें हुई हैं। जिसका असर इंश्‍योरेंस कंपनियों पर भी पड़ा है। जिसकी वजह से कंपनियों ने टर्म इंश्‍योरेंस को सख्‍त नियम अपनाने शुरू कर दिए हैं। अब अगर आप टर्म इंश्‍योरेंस लेने पर विचार कर रहे हैं तो आपको पूर्ण मेडकिल चेकअप रिपोर्ट इंश्‍योरेंस कंपनी को सौंपनी होगी। साथ ही कुछ कंप‍नियों ने तो वैक्‍सीनेशन के बिना टर्म इंश्‍योरेंस देने से इनकार कर दिया है। मतलब साफ है क‍ि अब इंश्‍योरेंस कंपनियों रिस्‍क मैनेज्‍मेंट को को काफी सख्‍त कर दिए हैं।

अब टर्म इंश्‍योरेंस लेना बिल्‍कुल भी आसान नहीं होगा। आपको टर्म इंश्‍योरेंस लेने से सख्‍त नियमों एवं मानकों से होकर गुजरना होगा। जानकारी के अनुसार देश इंश्‍योरेंस कंपनियों ने अंडराइटिंग के नियमों को कढ़ा कर दिया है। ऐसा कंपनियों ने कोरोना की दूसरी लहर में हुई लोगों की ज्‍यादा मौतों को देखते हुए लिया है। जिसकी वजह से कंपनियों को ज्‍यादा क्‍लेम देना पड़ा है। जिसकी वजह से कंपनियों ने अपने रिस्‍क मैनेज्‍मेंट को काफी सख्‍त कर दिया है।

कंपनियों ने किए कुछ इस तर‍ह के बदलाव : कोरोना की दूसरी लहर में कोविड से मरने वालों की संख्‍या काफी ज्‍यादा है। इंश्‍योरेंस कंपनियों की ओर से बनाए गए नए नियमों के मुताबित होम आइसोलेशन में रहने के बावजूद भी अगर आप कोविड-19 नेगेटिव रहते हैं तो भी आपको 3 महीने तक किसी भी कंपनी से टर्म इंश्‍योरेंस प्‍लान नहीं खरीद सकेंगे। अब आपको अपने हेल्‍थ का इंस्‍पेक्‍शन टेलीमेडिकल के थ्रू कराने से काम नहीं चलेगा। अब आपको टर्म इंश्योरेंस खरीदने के लिए संपूर्ण मेडिकल टेस्ट कराना होगा। साथ ही कुछ कंपनियों ने टर्म इंश्योरेंस के लिए वैक्सीनेशन के नियम को ऐड कर दिया है। इसके अलावा रीइंश्योरेंस कंपनियों की ओर से टर्म इंश्योरेन्स में वैक्सीनेशन को शामिल कर लिया है। किया जा रहा है.

कोरोना के क्‍लेम में इजाफा : कोरोना की दूसरी लहर में क्‍लेम में जबरदस्‍त इजाफा देखने को मिला है। इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएम विशाखा के अनुसार कोविड 19 के दौरान टर्म इंश्योरेंस के क्लेम में 30 फीसदी से ज्‍यादा का उछाल देखने को मिला है। जिसकी वजह से इंश्‍योरेंस कंपनियों को काफी उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर कंपनियों की ओर से प्रीमियम में 25 से 30 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है। अब 40 साल की उम्र के आदमी 40 साल के लिए 1 करोड़ रुपए का टर्म इंश्‍योरेंस लेता है तो उसे 18800 रुपए प्रीमीयम देना होगा, पहले यह 15100 रुपए था।

क्या होता टर्म इंश्योरेंस : टर्म इंश्योरेंस एक लाइफ इंश्‍योरेंस पॉलिसी है। टर्म इंश्योरेंस अपने परिवार को लंबे समय तक सुरक्षा देने का सबसे किफायती तरीका है। बीमा कवर की समयसीमा के दौरान पॉलिसी होल्‍डर की मौत हो जाती है तो इंश्योरेंस की पूरी रकम पॉलिसी होल्‍डर के परिजनों यानी नॉमिनी को मिलेगी।

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