इन पांच गलतियों की वजह से ईपीएफओ में अटक सकता है आपका पीएफ क्‍लेम

कोविड काल में केंद्र सरकार ने दो बार कोविड एडवांस निकालने का चांस दिया। ताकि लोग अपने रुपयों का इस्‍तेमाल कर आर्थिक तंगी को दूर सके। वहीं कई लोगों ने पीएफ के पूरे रुपए निकालने के लिए भी क्‍लेम किया। कई लोगों का क्‍लेस पास हुआ तो कई लोगों का क्‍लेम रिजेक्‍ट कर दिया गया। आइए आपको भी बताते हैं कि आख‍िर किन पांच गलतियों के कारण ईपीएफओ आपका क्‍लेम लटका सकता है।

EPFO, COVID-19
इस आशय का एक संशोधन कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 में श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से किया गया था।

नौकरीपेशा लोगों के लिए सेविंग का सबसे बेहतर तरीका ईपीएफ है। जहां अच्‍छा ब्‍याज तो मिलता ही है साथ ही संकट के समय आपको रुपया भी मिल जाता है। प्रोविडेंट फंड के रूल के अनुसार कुछ खास मौको पर रुपया निकाला जा सकता है। वहीं कोरोना के दौर में कोविड एडवांस की भी योजना शुरू की हुई है। इसमें भी कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। वैसे आपका सबकुछ ठीक है तो क्‍लेम को क्‍लीयर होने में सिर्फ तीन दिन का ही समय लगता है।

वहीं कुछ मामलों में इपीएफओ आपके क्‍लेम को अटका देता है या यूं कहें कि रिजेक्‍ट कर देता है। जिसके कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में क्‍लेम करने से पहले कई बातों का ध्‍यान देने की जरुरत है। आज आपको इस आर्टिकल में ऐसी पांच गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके करने से आपका क्‍लेम अटक सकता है।

बैंक अकाउंट की जानकारी गलत होना : आपका पीएफ क्‍लेम उसी अकाउंट में डिपॉजिट होता है जिसकी जानकारी आपने अपने ईपीएफओ रिकॉर्ड में दर्ज की हुई होती है। ऐसे क्‍लेम करते वक्‍त आपको इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि आपने अकाउंट नंबर तो ठीक से दर्ज किया है या नहीं। अगर आप गलत अकाउंट नंबर डालते हैं या फ‍िर दूसरा अकाउंट नंबर दर्ज करते हैं तो आवेदन प्रक्रि‍या रुक सकती है। वहीं आपको आईएफएससी नंबर भी सही दर्ज करना होता है।

आपका अकाउंट यूएएन लिंक होना जरूरी : आपका प्रोविडेंट फंड अकाउंट यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से अनिवार्य रूप से लिंक होना जरूरी है। लिंक ना होने से रुपया मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं आपके यूएएन और ईपीएफ नंबर आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है। इसे आप घर बैठकर आराम से लिंक करा सकते हैं।

केवाईसी ना होने पर : अगर किसी अकाउंट होल्‍डर की केवाईसी अधूरी है तो भी आपका ईपीएफओ क्‍लेम रिजेक्‍ट हो सकता है। आपकी के‍वाईसी डिटेल पूरी होने के साथ वेरीफाई होना जरूरी है। केवाईसी कंप्‍लीट और वेरिफाई है या नहीं इसकी जांच आप अपने मेंबर ई-सेवा अकाउंट में लॉग इन कर चेक कर सकते हैं।

डीओबी गलत होना : अगर आपकी जन्‍मत‍िथि‍ ईपीएफओ और इंप्‍लॉयर के पास अलग-अलग तो भी आपका आवेदन रिजेक्‍ट हो सकता है। ईपीएफओ के एक सर्कूलर के अनुसार उसने ईपीएफओ के रिकॉर्ड में दर्ज डीओबी को ठीक करने और यूएएन को आधार से जोड़ने के नियमों में ढील दी थी। अब आप डीओबी को तीन साल ठीक करा सकते हैं।

शर्तें पूरी ना करने पर : अगर आप किसी इमरजेंसी में पीएफ का रुपया विड्रॉल कर रहे हैं तो तीन शर्तों को पूरा करना अतिआवश्‍यक है, वर्ना आवेदन कैंसल हो जाएगा। आपका यूएएन एक्‍ट‍िवेट होना जरूरी है। दूसरा अकाउंट आधार वेरिफाइड हो और यूएएन से लिंक होना जरूरी है। आपका बैंक अकाउंट यूएएन से लिंक होने के साथ कनेक्‍ट होना चाहिए। वहीं मेंबर के साइन साफ और रिकॉर्ड के साथ मैच होना चाहिए।

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