NPS ने 12 साल में दिया अच्छा रिटर्न- PFRDA चेयरमैन; जानें- कौन इसके तहत पा सकता है क्या लाभ?

राष्ट्रीय पेंशन योजना एक सरकार द्वारा प्रायोजित पेंशन योजना है। इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए जनवरी 2004 में लॉन्च किया गया था। सेवानिवृत्ति पर ग्राहक एकमुश्त राशि के एक हिस्से को निकाल सकते हैं और शेष राशि का उपयोग सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय प्राप्त करने के लिए एक वार्षिकी खरीदने के लिए कर सकते हैं।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने कहा है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) ने पिछले 12 साल के दौरान लोगों को अच्छा रिटर्न दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या अंशधारक को इस उत्पाद से अधिकतम लाभ हासिल करने के लिए इसमें निवेश जल्दी शुरू करना चाहिए।

बंदोपाध्याय ने सोमवार को यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बीमा एवं पेंशन शिखर सम्मेलन ‘भारतीय बीमा क्षेत्र-बदलाव की लहर पर सवार’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पिछले 12 साल के दौरान इक्विटी योजनाओं के तहत रिटर्न या प्रतिफल 12 प्रतिशत से अधिक रहा है और सरकारी प्रतिभूतियों में यह 9.9 प्रतिशत रहा है। कॉरपोरेट बांड में यह कुछ ऋण से जुड़े घटनाक्रमों के बावजूद सालाना आधार पर 9.59 प्रतिशत रहा है। हमारी पेंशन कोष संपत्तियां काफी हद तक इन घटनाक्रमों से बची रही हैं।’’

उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास कुल 6,850 अरब रुपये का कोष है। रिटर्न काफी अच्छा रहा है। बंदोपाध्याय कहा कि एनपीएस काफी लचीला रुख अपनाने का विकल्प देता है। ‘‘लेकिन किसी भी व्यक्ति को इसमें जल्दी निवेश शुरू करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि इसमें लचीलापन इसलिए है क्योंकि आपको सिर्फ 1,000 रुपये का भुगतान करना होता है। इसमें कोई निश्चित अंशदान तय नहीं है। आप धनशोधन रोधक कानून (पीएमएलए) का अनुपालन करते हुए अपनी सभी ज्ञात स्रोतों से आय के अनुरूप इसमें किसी भी स्तर तक योगदान कर सकते हैं।’’

बंदोपाध्याय ने कहा कि भारत को पेंशन वाला समाज बनाने के लिए अभी काफी कुछ करने की जरूरत है। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा), पीएफआरडीए और सीआईआई को मिलकर देश में पेंशन के प्रति जागरूकता के प्रसार के लिए मंच बनाना चाहिए। पीएफआरडीए दो पेंशन योजनाएं एनपीएस और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) उपलब्ध करता है।

समझें- क्या है एनपीएस?: राष्ट्रीय पेंशन योजना एक सरकार द्वारा प्रायोजित पेंशन योजना है। इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए जनवरी 2004 में लॉन्च किया गया था। सेवानिवृत्ति पर ग्राहक एकमुश्त राशि के एक हिस्से को निकाल सकते हैं और शेष राशि का उपयोग सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय प्राप्त करने के लिए एक वार्षिकी खरीदने के लिए कर सकते हैं।

NPS के लिए कौन है योग्य?: 18 से 60 साल की आयु के बीच भारतीय नागरिकता रखने वाले और केवाईसी (नो योर कस्टमर) मानदंडों का अनुपालन करने वाले नियोक्ता द्वारा नामांकित कॉर्पोरेट इकाई के कर्मचारी, एनपीएस के तहत ग्राहक के रूप में पंजीकृत होने के पात्र हैं।

क्या हैं इसके लाभ:

  • NPS स्वैच्छिक है। एक अभिदाता (सबस्क्राइबर/सदस्य) एक वित्तीय वर्ष में किसी भी समय योगदान कर सकता है और वह राशि भी बदल सकता है जिसे वह अलग रखना चाहता है और हर साल बचाना चाहता है।
  • यह आसान है। सब्सक्राइबर को किसी एक पीओपी (प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस) या ईएनपीएस (enps.nsdl.com/eNPS/) के जरिए खाता खोलना जरूरी है।
  • यह लचीला है। सब्सक्राइबर खुद के निवेश विकल्प और पेंशन फंड चुन सकते हैं और अपने पैसे को बढ़ते हुए देख सकते हैं।
  • यह पोर्टेबल है। सब्सक्राइबर अपने खाते को कहीं से भी संचालित कर सकते हैं, भले ही वे शहर और/या रोजगार बदल लें।
  • यह विनियमित है। एनपीएस को पारदर्शी निवेश मानदंडों और एनपीएस ट्रस्ट द्वारा फंड प्रबंधकों की नियमित निगरानी और प्रदर्शन समीक्षा के साथ, पीएफआरडीए द्वारा विनियमित किया जाता है। (भाषा पीटीआई इनपुट्स के साथ)

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