सीनियर सिटीजन के लिए हेल्‍थ इंश्‍योरेंस खरीदते समय इन बातों का रखें ध्‍यान

पेरेंट्स की उम्र होने के बाद अस्‍पतालों के चक्‍कर बढ़ जाते हैं और बीमारियों में भी इजाफा होता है। खासकर ऐसे में माहौल जब कोरोना की वजह से मेडिकल एक्‍सपेंसिस काफी महंगा हो गया है। ऐसे में अपने पेरेंट्स के लिए हेल्‍थ पॉलिसी खरीदना काफी बेहतर है।

health Insurance portability
इरडा ने इंश्‍योरेंस कंपन‍ियों को हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पोर्टेबिलि‍टी की रिक्‍वेस्‍ट को खारिज करने के अध‍िकार दिए हुए हैं। (Photo By Financial Express archive)

मौजूदा कोरोना काल में हेल्‍थ इंश्‍योरेंस अनिवार्य सा हो गया है। ना सिर्फ अपने लिए, बल्‍कि अपने माता पिता के लिए भी बेहद जरूरी हो गया है। इस कोरोना काल में इलाज कराना काफी महंगा हो गया है। जिसकी वजह से आपके द्वारा कमाई हुई दौलत भी इलाज कराने में कम पड़ रही है। जिसे पूरा करने के लिए आपको उधार का सहारा लेना पड़ रहा है।

इस बारे में फाइनेंश‍ियल एक्‍सप्रेस से बातचीत करते हुए फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, श्रीराज देशपांडे कहते हैं, “जैसे-जैसे पेरेंट्स की उम्र में इजाफा होता है अस्पतालों के चक्‍करों में भी इजाफा होता रहता है। ऐसे में आपको अपने पेरेंट्स का हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कराना काफी जरूरी है। साथ ही हेल्‍थ इंश्‍योरेंस ऐसा होना जरूरी है जिसमें सभी चीजें कवर हों और आप और आपके पेरेंट्स बिना किसी परेशानी के जी सकें। ऐसे में अपने परिवार में सीनियर सिटीजन के लिए हेल्‍थ पॉलिसी खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्‍यान रखना काफी जरूरी है।

वेटिंग पीरियड की जांच करें
जो भी हेल्‍थ पॉलिसी आपने अपने पेरेंट्स के लिए सेलेक्‍ट की है उसका वेटिंग पीरियड जरूर जांच लेना चाहिए। सीनियर सिटीजंस को अस्‍पताल की जरुरत कब पड़ जाए कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में जिस पॉलिसी में कम से कम वेटिंग पीरियड हो उसी पॉलिसी का सेलेक्‍शन करना चाहिए।

एक्‍सक्‍लूशंस और सब लिमिट को पढ़ें
हमेशा ऐसी पॉलिसी को चुनना बेहतर होता है जिसमें कम या कुछ बाहर ना हो। देशपांडे के अनुसार पॉलिसी से एक्‍सक्‍लूशंस को समझने के लिए पॉलिसी डॉक्‍युमेंट्स को ध्यान से पढ़ना चाहिए। कई सीनियर सिटीजंस हेल्‍थ पॉलिसी सब लिमिट को पेमेंट्स के साथ साथ आती हैं। इसके अतिरिक्त, उन प्रोसेस और ट्रीटमेंट को समझें जिनमें सब लिमिट या को-पेमेंट क्‍लॉज लगे हुए हैं।

पहले से मौजूद बीमारियों के संबंध में नियम और शर्तें
सिनियर सिटीजन के लिए सही स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी चुनना मुश्किल हो सकता है। पहले आपको पूर्व-मौजूदा बीमारियों के संबंध में नियम और शर्तों की जांच करना जरूरी है। इसे उदाहरण से समझने का प्रयास करते हैंख्‍ कुछ पूर्व-मौजूदा बीमारियों या उपचारों को पॉलिसी में शामिल किया गया है या नहीं, वहीं सभी को-पेमेंट पेमेंट, वेटिंग पीरियड, आदि।

हाई सम एश्‍योर्ड पॉलिसी की तलाश करें
सीनियर सिटीजन के लिए सर्जरी/ट्रीटमेंट का मेडिकल कॉस्‍ट काफी ज्‍यादा होता है। इसलिए कॉस्‍ट की उस असमानता को पाटने के लिए एक हाई सब इंश्‍योर्ड अमाउंट पॉलिसी की तलाश करनी चाहिए। देशपांडे कहते हैं, “हेल्‍थ पॉलिसी लेने से पहले कई बीमा कंपनियों से विभिन्न योजनाओं और प्रीमियम की तुलना करनी चाहिए और अपने पेरेंट्स और गार्जियन के लिए एक आदर्श योजना का चयन करना चाहिए।

टैक्‍स बेनिफ‍िट भी प्राप्‍त करें
आप आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80डी के तहत वरिष्ठ नागरिक बीमा पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम के लिए 50,000 रुपए तक की छूट भी प्राप्त कर सकते हैं।

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