Personalised Investment Advice by JioBlackRock Investment Advisers : भारत में निवेश की पर्सनलाइज्ड सलाह आमतौर पर सिर्फ हाई नेटवर्थ वाले निवेशकों तक सीमित रही है। लेकिन एक नई पहल इस स्थिति में बदलाव लाने का दावा कर रही है। दरअसल, जियो ब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स (JioBlackRock Investment Advisers) ने एक नई डिजिटल सर्विस शुरू की है, जिसमें छोटे निवेशकों को सिर्फ 350 रुपये की मामूली सालाना फीस में निवेश के लिए पर्सनलाइज्ड सलाह मिलेगी। कंपनी का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म देश के बहुत सारे आम लोगों को बचत से समझदार निवेश की तरफ ले जाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

अब तक महंगी रही है निजी सलाह  

भारत में ज्यादातर घरों की जमा पूंजी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), सोना (Gold) और रियल एस्टेट जैसे एसेट्स में लगी रहती है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लोगों की भागीदारी बढ़ी है, फिर भी बहुत से निवेशकों के लिए इनमें निवेश से जुड़ी सही सलाह हासिल करना आसान नहीं होता। कई बार कमीशन के चक्कर में गलत प्रोडक्ट बेचे जाते हैं या फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खुद से निवेश करना लोगों को मुश्किल लगता है। अब तक निवेश के लिए पर्सनल सलाह लेना आमतौर पर हाई नेटवर्थ वाले अमीर निवेशकों के लिए ही संभव हो पाता था, क्योंकि इसमें मिनिमम इनवेस्टमेंट की रकम और एडवाइजरी की फीस दोनों ज्यादा होते थे। जियो ब्लैकरॉक ने अपनी नई सर्विस से इसी कमी को दूर करने का दावा किया है।

नई सर्विस से क्या बदलेगा

जियो ब्लैकरॉक की यह नई सर्विस में हर निवेशक को उसकी जरूरत, लक्ष्य और रिस्क बर्दाश्त करने की क्षमता के आधार पर एक अलग इनवेस्टमेंट प्लान या एडवाइज दी जाएगी। इतना ही नहीं, मार्केट, इकॉनमी या या निवेशक की जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव आने पर इस इनवेस्टमेंट प्लान में एडजस्टमेंट भी किए जा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि उसकी सर्विस लेने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो की रोज निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर रीबैलेंस करने का सुझाव दिया जाएगा। इसके लिए कंपनी ब्लैकरॉक की अलादीन टेक्नोलॉजी (BlackRock’s Aladdin technology) की मदद लेगी। 

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मिनिमम निवेश और सालाना फीस 

इस सर्विस के लिए निवेश की शुरुआत सिर्फ 10,000 रुपये से की जा सकती है। सालाना फीस भी महज 350 रुपये रखी गई है। जो निवेशक इस एडवाइजरी के जरिये 1 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश करेंगे, उनसे 0.35 प्रतिशत सालाना फीस ली जाएगी। कंपनी अपने लॉन्च के समय पहले 3 महीने तक मुफ्त सलाह का ऑफर भी दे रही है, ताकि लोग इसे आजमा सकें।

डिजिटल टेक्नोलॉजी का फायदा

जियो ब्लैकरॉक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लैकरॉक का साझा उपक्रम (Joint Venture) है। यह सर्विस जियोफाइनेंस और मायजियो ऐप के जरिए उपलब्ध होगी। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा एम अंबानी ने इस सर्विस के लॉन्च के मौके पर कहा कि “जियो ब्लैकरॉक की इस सर्विस का मकसद तकनीक के जरिए निवेशकों की घरों में पड़ी बचत को सही निवेश में बदलना है, ताकि भारत सिर्फ बचत करने वाले लोगों का देश नहीं, बल्कि भरोसे के साथ निवेश करने वालों का देश बने।”

ब्लैकरॉक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रॉब गोल्डस्टीन का कहना है कि उनकी, “पर्सनलाइज्ड इनवेस्टमेंट एडवाइज की सर्विस ऑनलाइन मिलेगी और रिस्क एनालिसिस की अलादीन टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी, ताकि लोग अपने निवेश के लक्ष्य को हासिल कर सकें।”

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छोटे निवेशकों के लिए क्या हैं मायने

कम फीस, कम शुरुआती निवेश और टेक्नोलॉजी के जरिए निगरानी इस सर्विस को छोटे निवेशकों के लिए खास बनाती है। पर्सनलाइज्ड इनवेस्टमेंट एडवाइज का यह मॉडल उन लोगों की मदद कर सकता है, जो खुद फैसले लेने में दिक्कत महसूस करते हैं। लेकिन यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि एडवाइजरी सर्विस की मदद से लेने से बाजार में निवेश के साथ जुड़े रिस्क खत्म नहीं हो जाते। न ही कोई एडवाइजरी सर्विस आपको निवेश का लक्ष्य हासिल करने की गारंटी दे सकती है। इक्विटी, डेट और गोल्ड समेत हर एसेट क्लास के साथ अलग-अलग लेवल का रिस्क जुड़ा रहता है। इसलिए निवेशकों को कोई भी फैसला करने से पहले अपनी रिस्क लेने की क्षमता को जरूर ध्यान में रखना चाहिए और किसी भी स्कीम या एसेट में निवेश करने से पहले अपनी तरफ से पूरी जानकारी भी हासिल करनी चाहिए।

(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी से मान्यताप्राप्त इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें.)