बैंक डूबा तो 5 लाख रुपए तक की राशि रहेगी सुरक्षित, ग्राहकों को 90 दिन में मिल जाएगा पैसा

2020 बजट में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि किसी बैंक के दिवालिया होने या फ‍िर लाइसेंस रद्द होने के बाद कस्‍टमर का रुपया 5 लाख रुपए तक सुरक्षि‍त रहेगा। पहले यह लिमिट एक लाख रुपए की थी। जिसे आज कैबिनेट की बैठक में पास कर दिया गया है।

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उम्मीदवारों को सबसे पहले अपना आवेदन ई-मेल: hphrd.calcutta@uc9-bank.-co. in पर भेजना होगा।

देश के करोड़ों अकाउंट होल्‍डर्स के लिए अच्‍छी खबर है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया है कि बैंक डूबने या फ‍िर लाइसेंस रद्द होने पर कस्‍टमर्स की 5 लाख की राशि पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी, साथ ही उसका भुगतान 90 दिन यानी तीन महीने में कर दिया जाएगा। इस नियम के अंतर्गत वो बैंक कस्‍टमर्स भी आएंगे जिन पर आरबीआई की ओर से कोई प्रतिबंध या फ‍िर मोराटोरियम लगाया हुआ है।

जानकारी के अनुसार इस फैसले पर हामी भरने के लिए केंद्रीय मंत्रीमंडल ने डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी है। वास्‍तव में किसी बैंक के दिवालिया होने या फिर उसका लाइसेंस रद्द होने की स्थित‍ि में बैंक कस्‍टमर्स के 5 लाख रुपए तक सुरक्षित रह सकते हैं। भले ही कस्‍टमर की जमा रश‍ि पांच लाख से ज्‍यादा ही क्‍यों ना हो। पहले यह लिमिट एक लाख रुपए थी।

कैबिनेट की बैठक के बाद वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों के दिवालिया होने या लाइसेंस रद्द होने या आरबीआई की ओर से प्रतिबंध लगने पर 90 दिनों के अंदर डिपॉजिटर को उसकी 5 लाख रुपए तक की जमा राशि मिलने का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। उन्‍होंने कहा कि संकटग्रस्त बैंक के मामले में पहले 45 दिनों में सभी खातों की जानकारी एकत्र की जाएगी, जिनके लिए क्‍लेम किया गया उसके बाद इसे डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन को सौंप दिया जाएगा। डीआईसीजीसी इन अकाउंट्स को चेक कर अगले 45 दिन में 5 लाख रुपए तक राशि को सौंपने का प्रोसेस शुरू करेगा।

कौन-कौन आएगा दायरे में : डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की ओर से बैंक में डिपॉजिटर की 5 लाख रुपए तक की जमा पर सुरक्षा की गारंटी दी जाती है। यह 5 लाख की राश‍ि किसी भी बैंक की सभी ब्रांचों में जमा रुपयों का काउंट होता है। प्रत्येक डिपॉजिटर की हर बैंक में 5 लाख रुपए तक की सुरक्षित जमा में मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होता है। डीआईसीजीसी सभी बैंक डिपॉजिट्स को कवर करता है। इसमें कमर्शियल बैंक, विदेशी बैंकों की भारत में मौजूद शाखाएं, स्मॉल फाइनेंस बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक, पेमेंट्स बैंक आदि सभी बैंक कवर होते हैं।

जमा राशि पर प्रीमियम में भी इजाफा : वहीं दूसरी ओर वित्‍त मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्‍येक बैंक में जमा राशि के 100 रुपए के लिए 10 पैसे का प्रीमियम होता था, जिसे बढ़ाकर 12 पैसे किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि इसे किसी भी परिस्‍थ‍िति में 15 पैसे से ज्‍यादा होने देना नहीं चाहिए। उन्होंने आगे बढ़ते हुए कहा क‍ि डीआईसीजीसी बिल 2021 के तहत, सभी जमाओं का 98.3 फीसदी कवर होगा। जमा मूल्य के संदर्भ में, 50.9% जमा फीसदी मूल्य कवर होगा। वैश्विक जमा मूल्य सभी जमा खातों का केवल 80 फीसदी है।

 

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