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क्या आप भी क्रेडिट कार्ड के मिनिमम अमाउंट को चुका कर चला रहे हैं काम, तो जान लें उसके नुकसान

क्रेडिट कार्ड धारकों के साथ यह आम समस्या होती है कि वह इसके बढ़ते बिल से परेशान रहते हैं। मिनिमम अमाउंट Pay करने के बाद उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं होता है कि वह कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं।

Minimum Amount of Your Credit Card Bill
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। सोर्स- Pixabay

क्रेडिट कार्ड धारकों के साथ यह आम समस्या होती है कि वह इसके बढ़ते बिल से परेशान रहते हैं। मिनिमम अमाउंट Pay करने के बाद उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं होता है कि वह कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं। इस गलती का खामियाजा उन्हें अगले कई महीनों तक चुकाना भी पड़ता है। दरअसल ज्यादातर ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों के बारे में सही जानकारी नहीं होती है। यहां आपको क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी दी जाएगी ताकी आप इसके इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरत सकें।

मिनिमम अमाउंट ड्यू का विकल्प, कंपनी द्वारा आपकी सहूलियत के लिए दिया जाता है ताकि किसी महीने तंगी में आप कम अमाउंट भर कर अगले महीने पूरे बिल को भर सकें लेकिन कई ग्राहक कई महीनों तक लगातार सिर्फ मिनिमम ड्यू ही भरते हैं और इस दौरान छोटी-मोटी खरीददारियां भी करते रहते हैं, जिसके बाद उनका बिल तेजी से बढ़ने लगता है और अंत में यह एक बड़े अमाउंट की शक्ल में ग्राहक के सामने समस्या बनकर खड़ा हो जाता है।

सबसे पहले समझें कि मिनिमम अमाउंट क्या होता है। मिनिमम अमाउंट आपके टोटल आउटस्टैंडिंग का पांच फीसदी होता है। इसके अलावा अगर आपकी कोई EMI क्रेडिट कार्ड से जुड़ी हुई है तो वह भी मिनिमम अमाउंट के साथ जुड़ जाती है। इस तरह आपको अपने बिल में दो अमाउंट दिखाई देते हैं। एक टोटल आउट स्टैंडिंग और एक मिनिमम अमाउंट। ग्राहक मिनिमम अमाउंट को किसी किश्त की तरह ट्रीट करते हैं और उसको भरकर अपनी परेशानी को बढ़ा बैठते हैं।

मिनिमिम अमाउंट चुकाने के नुकसान: जैसे ही आप अपने क्रेडिट कार्ड बिल का मिनिमम अमाउंट चुकाते हैं वैसे ही बाकी की बची राशि अगले महीने के बिल में शिफ्ट हो जाती है। अब इस राशि पर ब्याज लगता है, जोकि फिर आपके बिल में जुड़ जाता है। क्रेडिट कार्ड पर लगाइ जाने वाली ब्याज दर 35 से 40 प्रतिशत की होती है। अब आप कैलकुलेट कीजिए, यदि आप कई महीने लगातार सिर्फ मिनिमम अमाउंट भरते हैं तो आपके ऊपर कितनी बड़ी ब्याज राशि का भार आ जाता है।

क्रेडिट कार्ड से जिस दिन खरीददारी की जाती है, ब्याज उसी दिन से जुड़ना शुरू हो जाता है। इसलिए आप जब मिनिमम अमाउंट भरते हैं तो आप सिर्फ उतनी ही राशि पर लगने वाले ब्याज से बच पाते हैं। साथ ही आपका क्रेडिट फ्री पीरियड भी कम होता जाता है।

ऐसा नहीं है कि मिनिमम अमाउंट का कोई फायदा नहीं है। कंपनी की मानें तो आप मिनिमम अमाउंट के जरिए अपने क्रेडिट कार्ड को एक्टिव भी रख सकते हैं, साथ ही इस पर मिलने वाली अन्य सुविधाओं को इस्तेमाल कर सकते हैं।

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