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3 साल पहले मुकेश अंबानी लेकर आने वाले थे जियो क्‍वाइन, क्‍यों रोकना पड़ा अपना प्रोजेक्‍ट?

क्रि‍प्‍टोकरेंसी पर मुकेश अंबानी भी कारोबार करने वाले थे। 2018 में जियो क्‍वाइन नाम से क्रि‍प्‍टो करेंसी लाने की तैयारी भी कर रहे थे। उनकी 50 लोगों की टीम ब्‍लॉकचेन पर काम भी कर रही थी। जिसे आकाश अंबानी लीड कर रहे थे।

सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी मुकेश अंबानी के कई फेमस दोस्त हैं

कुछ दिन पहले खबर आई थी कि एल सल्‍वाडोर ने बिटक्‍वाइन को लीगल टेंडर घोषित कर दिया है। उसके बाद एलन मस्‍क ने ट्वीट कर कहा कि टेस्‍ला की गाड़ी खरीदने के लिए बिटक्‍वाइन का इस्‍तेमानल किया जा सकता है। जिसके बाद से बिटक्‍वाइन की कीमत 41 हजार डॉलर को क्रॉस कर गया। अगर बात भारत की करें तो भारत में क्रि‍प्‍टो करेंसी में निवेश तो गैरकानूनी नहीं है, लेकिन सरकार ने इसे अभी तक मान्‍यता नहीं दी है। खास बात तो ये है कि देश के सबसे अमीर शख्‍स मुकेश अंबानी तो जियो क्‍वाइन को लांच करने की तैयारी तक कर डाली थी, लेकिन क्रि‍प्‍टोकरेंसी को लेकर केंद्र रुख के बाद मुकेश अंबानी को अपने फैसले को रोकना पड़ा।

वैसे केंद्र सरकार क्रिप्‍टो करेंसी को लेकर एक विधेयक पेश करने का ऐलान कर चुकी है। साथ ही भारत का खुद का वर्चुअल क्‍वाइन लाने की भी विचार कर रही है। यह विधेयक भारत में क्रिप्टो करेंसी के यूज को कानूनी रूप से अमलीजामा तो पहनाएगा ही साथ उसे नियंत्रि‍त भी करेगा। वैसे सरकार की ओर से इस मामले में कोई खुलकर बयान नहीं आया है। देश की फाइनेंस मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण साफ कर चुकी है कि सरकार की मंशा क्रि‍प्‍टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं है।

जियो क्‍वाइन लेकर आने वाले थे मुकेश अंबानी : मिंट की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी भी क्रि‍प्‍टो करेंसी बाजार में उतरने वाले थे। रिपोर्ट के अनुसार मुकेश अंबानी जियो क्‍वाइन नाम से क्रि‍प्‍टो करेंसी लाने वाले थे। उस रिपोर्ट के अनुसार मुकेश अंबानी की 50 लोगों की टीम ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम करना भी शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्‍ट पर आकाश अंबानी खुद देख रहे थे। उसी समय तत्‍कालिक वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कह दिया था कि देश में क्रि‍प्‍टो करेंसी को कानूनी मान्‍यता नहीं है। वहीं आरबीआई भी कह चुका था कि बिटक्‍वाइन समेत सभी क्रि‍प्‍टोकरेंसी का क्रि‍एशन, ट्रेडिंग और पेमेंट लीगल नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था मामला : 2018 में आरबीआई ने सभी बैंकों निर्देश दिए थे कि क्रिप्‍टोकरेंसी एक्‍सचेंज के लिए काम करना बंद कर दें। जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। पिछले साल मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व के इस सर्कूलर को खारिज कर दिया। जिसके बाद देश में क्रि‍प्‍टोकरेंसी में निवेश की फिर से शुरूआत हो सकी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को क्रि‍प्‍टो करेंसी पर कानून बनाने को कहा था। ऐसे में अभी तक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना लीगल है।

भारत में कितना होता है वर्चुअल करेंसी पर कारोबार : रिपोर्ट के अनुसार देश में मौजूदा समय में करीब एक करोड़ लोग क्रिप्‍टोकरेंसी में कारोबार करते हैं। जिनके पास 10 हजार करोड़ रुपए की क्रि‍प्‍टो करेंसी है। साल 2020 की बात करें तो 173 रुपए का निवेश हुआ था । वहीं दुनियाभर में 1000 से ज्‍यादा क्रिप्‍टो करेंसी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्‍टो करेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी। जिसे जापान के सतोषी नाकमोतो नाम के इंजीनियर ने तैयार किया था।

मौजूदा समय में क्‍या है ब‍िटक्‍वाइन की कीमत : मौजूदा समय में बिटक्‍वाइन के दाम फ्लैट लेवल पर कारोबार कर रहा है। मौजूदा समय में बिटक्‍वाइन की कीमत 40,278.34 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। जबकि इस साल बिटक्‍वाइन करीब 39 फीसदी का रिटर्न दे चुकी है। वहीं दूसरी ओर इथेरियम क्रिप्‍टो करेंसी करीब 3 फीसदी 2538.11 डॉलर पर कारोबार कर रही है। जबकि कारडानो 1.28 फीसदी की गिरावट के साथ 1.57 डॉलर पर और डोजेक्‍वाइन 2.61 फीसदी की गिरावट के साथ 0.318655 डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

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